आध्यात्मिक डिवाइन एस्ट्रो हिलर गुरु कृष्णा मिश्रा
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उज्जैन के शनि नवग्रह मंदिर त्रिवेणी से इस वर्ष भी मीठी बोली के साथ पिता पुत्र के संबंधों की मधुरता के लिए और पिता पुत्र दिवस का संदेश देने के लिए सूर्य भूगर्भ से 15 जनवरी को सवारी निकाली जाएगी। पालकी में 51 बटुक ब्राह्मणों के साथ अलग अलग ग्रहों के ध्वज के साथ शनि भूगर्भ में विराजित की जाएगी।
आध्यात्मिक डिवाइन एस्ट्रो हिलर गुरु कृष्णा मिश्रा ने बताया कि सूर्यदेव और शनि देव पिता पुत्र हैं। वह आपस में शत्रु होते हुए एक दूसरे के घर जाना बंद नहीं करते जो समाज में यह संदेश देता है कि बोली के साथ रिश्तों में भी मधुरता हो, जो कि आज समाज का चिंतनीय विषय है।
2023 के 23 बटुक ब्राह्मण के पिता का पाद पूजन भी बटुक ब्राह्मण करेंगे। सूर्य देव की सवारी धूमधाम से शंख ताशे की ध्वनि के साथ एक गूंज में आदित्य ह्रदय स्त्रोत का जाप करेगी। सवारी में बटुक ब्राह्मणों के साथ साथ उज्जैन शहर के नागरिक पदाधिकारी जो किसी ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हैं सम्मलित होंगे।