शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में स्टाइपेंड (मानदेय) बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा विद्यार्थियों का आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। बीते सात दिनों से धरना दे रहे करीब 200 आयुर्वेद छात्र-छात्राओं ने सोमवार सुबह कॉलेज और अस्पताल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी।
छात्रों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद प्रशासन द्वारा उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। मुख्य द्वार पर ताला जड़े जाने के कारण सुबह अस्पताल पहुंचने वाले डॉक्टरों, अन्य स्टाफ और दूरदराज से इलाज कराने आए मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों की मुख्य मांग है कि बीएएमएस (BAMS) इंटर्न को मिलने वाला स्टाइपेंड बढ़ाकर 21,500 रुपये प्रतिमाह किया जाए। विद्यार्थियों के मुताबिक वर्तमान में मध्यप्रदेश में बीएएमएस इंटर्न को महज 9383 रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जो कि अन्य राज्यों और अन्य पैथी के मुकाबले बेहद कम है।
समान कार्य के लिए समान मानदेय का तर्क
विद्यार्थियों का तर्क है कि बीएएमएस और एमबीबीएस (MBBS) इंटर्न अस्पताल में एक जैसी और समान रूप से कठिन ड्यूटी करते हैं लेकिन इसके बावजूद स्टाइपेंड में बड़ा अंतर रखा गया है। उनका कहना है कि समान कार्य के लिए समान मानदेय मिलना उनका अधिकार है और सरकार को बढ़ा हुआ स्टाइपेंड तत्काल प्रभाव से लागू करना चाहिए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने दो टूक स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें अब केवल मौखिक आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि मांग पूरी होने से संबंधित पुख्ता और लिखित आदेश आने तक उनका यह विरोध प्रदर्शन और तालाबंदी जारी रहेगी।