आगामी सिंहस्थ 2028 को लेकर धर्मनगरी उज्जैन में श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए सड़कों के चौड़ीकरण की मुहिम तेज हो गई है। इसी कड़ी में महाकाल मंदिर से कोट मोहल्ला चौराहे तक के मार्ग को 24 मीटर चौड़ा करने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। लंबे समय से अटका यह मामला अदालत से स्टे खारिज होते ही अचानक गति पकड़ गया है।
तीन साल पुराना स्टे हुआ खारिज
12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले चार मुख्य मार्गों में से तीन का काम पहले ही पूरा हो चुका था। चौथा मार्गकोट मोहल्ला चौराहे से महाकाल मंदिर तक का लगभग 200 मीटर लंबा हिस्सा व्यापारियों द्वारा लिए गए तीन साल पुराने कोर्ट स्टे की वजह से रुका हुआ था। कोर्ट से याचिका खारिज होते ही नगर निगम ने क्षेत्र में मुनादी कराई और जद में आने वाले मकानों, दुकानों व होटलों पर लाल निशान (मार्किंग) लगा दिए। बुधवार को जब नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची, तो स्थानीय दुकानदारों ने सामान समेटने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए दुकानदारों को 24 घंटे की मोहलत दी है।
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खाली होंगी दुकानें
प्रशासन द्वारा दी गई राहत की समय-सीमा के तहत बुधवार को प्रभावित व्यापारी अपनी दुकानों और होटलों से सामान खाली कर रहे हैं। गुरुवार से नगर निगम की टीम जेसीबी और भारी अमले के साथ अतिक्रमण व चिन्हित निर्माणों को हटाने की बड़ी तोड़ा-फोड़ी की कार्रवाई शुरू करेगी।
सड़क होगी दोगुनी चौड़ी, विस्थापितों को मिली रियायत
वर्तमान में 12 मीटर चौड़े इस मार्ग को बढ़ाकर 24 मीटर किया जा रहा है, जिससे महाकाल आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। कार्रवाई से प्रभावित विस्थापितों को दिलासा देते हुए प्रशासन ने उनके पास बचे हुए वैध स्ट्रक्चर के ऊपर निर्माण करने की विशेष छूट/रियायत दी है। सिंहस्थ के मद्देनजर इस सड़क का चौड़ीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे मंदिर क्षेत्र का यातायात ढांचा बेहद व्यवस्थित और सुगम हो जाएगा।