बाबा महाकाल के खजाने में पहुंचा रजत का छत्र व मुकुट
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा सभी व्यवस्थाएं दान के माध्यम से ही संचालित की जाती हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित दर्शन व्यवस्था, निशुल्क अन्नक्षेत्र, गौशाला, चिकित्सा, लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई आदि का संचालन मंदिर प्रबंध समिति द्वारा भक्तों द्वारा प्राप्त श्रद्धानुसार दान से ही किया जाता है।
दान की शृंखला में मध्यप्रदेश के बैतूल से पधारे किल्लेदार परिवार द्वारा पुजारी राजेश शर्मा की प्रेरणा से श्री महाकालेश्वर भगवान को एक नग मुकुट भेंट किया गया। इसका वजन 926.600 ग्राम है। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से वीरेंद्र शर्मा द्वारा दानदाता का सम्मान कर विधिवत रसीद प्रदान की गई।
रजत छत्र भेट में प्राप्त
श्री महाकालेश्वर मंदिर में जावरा से पधारे भक्त निकुंज सिंह भाटी द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर जी को से एक नग रजत छत्र भेंट किया गया। इनका कुल वजन लगभग 1009 ग्राम है। जिसे श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा प्राप्त पर दानदाता का सम्मान किया जाकर मंदिर के आशीष दुबे द्वारा विधिवत रसीद प्रदान की गई।
प्रशासक कौशिक ने अधिकारियों व प्रभारियों के साथ की बैठक
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के नवागत प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने पदभार ग्रहण करने के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति में कार्यरत अधिकारी व प्रभारियों की परिचयात्मक बैठक की। साथ ही शाखा वार मंदिर की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली व आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
प्रशासक प्रथम कौशिक सभी अधिकारियों व प्रभारियों से चर्चा में कहा कि भक्तों को दर्शन करवाना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। आम दर्शनार्थी जो बाहर से आस्था के साथ आ रहे हैं। उनके लिए दर्शन व्यवस्था आसान होनी चाहिए। सभी लगातार सेवाभाव से कार्य करें व जितना हो सके सकारात्मक रूप में मंदिर की व्यवस्थाओं एवं विकास में सहयोग करें।
बाबा महाकाल के खजाने में पहुंचा रजत का छत्र व मुकुट
बाबा महाकाल के खजाने में पहुंचा रजत का छत्र व मुकुट
बाबा महाकाल के खजाने में पहुंचा रजत का छत्र व मुकुट