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Ujjain News: कचरा गाड़ी में लटकी महिला, कर्मियों के स्वास्थ्य की नगर निगम को नही चिंता, महापौर बोले देंगे ध्यान

Fri, 07 Nov 2025 10:01 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन में स्वच्छता अभियान के तहत कचरा अलग करने की व्यवस्था के बीच एक महिला के कचरा गाड़ी में बैठकर कचरा डालते वीडियो ने सवाल खड़े किए। लोग स्वास्थ्य जोखिम पर चिंता जता रहे हैं। महापौर मुकेश टटवाल ने कहा कि अब गाड़ियों पर कोई नहीं बैठेगा, कर्मचारियों को सुरक्षा संसाधन दिए जाएंगे। 
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कचरा गाड़ी पर बिना सुरक्षा के बैठी महिला
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विस्तार
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत फैलाई गई जागरूकता का असर अब यह हो चुका है कि शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र हर स्थान पर गीला और सूखा कचरा अलग-अलग इकट्ठा किया जा रहा है और इसे कचरे कलेक्शन करने वाली गाड़ियों में भी डाला जा रहा है, लेकिन उज्जैन में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें इन नियमों का पालन करने के लिए एक महिला कचरा गाड़ी के अंदर ही बैठी हुई है। कचरा डालने वाले लोगों से गीला सूखा कचरा अलग-अलग डलवाने के साथ ही लोगों द्वारा लाया गया कचरा भी खुद ही गाड़ी में डाल रही है।

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शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी प्रतिदिन निभाने वाले नगर निगम के जिम्मेदार वैसे तो अपने कर्तव्यों का निर्वहन बखूबी रूप से करते हैं, लेकिन कचरा कलेक्शन करने वाली गाड़ी की ओर शायद जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है। कचरा कलेक्शन करने वाली यह गाड़ियां शहर के 54 वार्डों में सुबह से लेकर देर शाम तक कचरा कलेक्शन करती हैं और गीला सूखा कचरा अलग-अलग डलवाकर समय-समय पर लोगों को जागरूक भी करती हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में साफतौर पर देखा जा सकता है कि एक महिला कचरा गाड़ी के अंदर बैठी हुई है और क्षेत्र के लोग कचरा गाड़ी में कचरा डाल रहे हैं। साथ ही कुछ लोग महिला को भी कचरा दे रहे हैं। इस वायरल हो रहे वीडियो पर शहरवासियों की यही प्रतिक्रिया सामने आई है कि नगर निगम को ऐसी व्यवस्था करना चाहिए, जिससे कचरा गाड़ी के साथ आने वाले लोग भी कम से कम गाड़ी के अंदर न बैठें। यह लोग गाड़ी के साथ-साथ चले और लोगों को जागरूक करते रहें, क्योंकि इस प्रकार से कचरा गाड़ी पर घंटों तक बैठे रहने से इन लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
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बच्चों को भी ले जाते हैं साथ
शहर के 54 वार्डों में पहुंचने वाली इन कचरा गाड़ियों की बात की जाए तो कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं, जहां पर कचरा गाड़ियों में इस वर्ग के लोग परिवार छोटे छोटे बच्चों के साथ बैठे रहते हैं। यह लोग पूरे क्षेत्र में घूम कर पूरा कचरा अपनी गाड़ियों में डलवाते हैं और उसके बाद ट्रेंचिंग ग्राउंड तक भी छोड़ते हैं। कुछ गाड़ियों में तो छोटे-छोटे बच्चे भी कचरा गाड़ी पर बैठे देखे जा सकते हैं।
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स्वास्थ्य अमले को भी नही इनकी फिक्र
वैसे तो नगर निगम का स्वास्थ्य अमला आए दिन शहर में नियमों का पालन करने के लिए कार्रवाई करता रहता है और चालानी कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन मजेदार बात यह है कि इस विभाग के जिम्मेदारों को कचरा गाड़ियों पर चलने वाले लोगों के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। इनके द्वारा आज तक ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिससे कि इन लोगों का स्वास्थ्य ठीक रह सके।

महापौर बोले - मास्क, ग्लब्स और बचाव के संसाधन उपलब्ध कराएंगे
इस मामले को लेकर जब महापौर मुकेश टटवाल से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि आपके माध्यम से यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। अगर शहर में ऐसा हो रहा है तो इस ओर ध्यान दिया जाएगा और इस बात को सख्ती से लागू करवाया जाएगा कि कचरा वाहन पर कोई भी व्यक्ति ना बैठे। यह लोग कचरा गाड़ी के साथ चलकर शहरवासियों को समझाइश देते रहें और यदि कोई जरूरत भी पड़ती है तो वह मास्क, गलब्स और बचाव के संसाधन पहन रखें, जिससे उनका स्वास्थ्य भी ठीक रह सके। ऐसे लोगों के लिए इन संसाधनों की व्यवस्था हम करेंगे।


महापौर मुकेश टटवाल

 

कचरा गाड़ी पर बिना सुरक्षा के बैठी महिला

 

 

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