उज्जैन शहर में आज शनिवार को परंपरागत रूप से दशहरा मनाया जाएगा। इस मौके पर दशहरा मैदान, कार्तिक मेला ग्राउंड और भैरवगढ़ में रावण दहन होगा। दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष ओम अमरनाथ खत्री ने बताया कि उज्जैन के प्रसिद्ध समाजसेवी स्व. लाला अमरनाथ की स्मृति में दशहरा महोत्सव 61 वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि उज्जैन में दशहरा मैदान पर दशहरा महोत्सव मनाए जाने की प्राचीन परंपरा है। किसी कारणवश जब कुछ वर्षों तक दशहरा महोत्सव के आयोजन में विघ्न आया, तब स्व. लाला अमरनाथ ने सन 1963 इसे पुनः प्रारंभ किया। तब से इस आयोजन को स्व. अमरनाथ और उनके परिवार द्वारा सतत आयोजित किया जा रहा है।
12 अक्टूबर को कलेक्टर नीरज सिंह द्वारा पूजन-अर्चन कर समारोह का प्रारंभ किया जाएगा। एसपी प्रदीप शर्मा भव्य आतिशबाजी की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल कालूहेड़ा, सांसद अनिल फिरोजिया, महापौर मुकेश टटवाल, डॉ. सत्यनारायण जटिया (पूर्व केंद्रीय मंत्री), विधायक महेश परमार, निगम सभापति कलावती यादव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनोहर बैरागी, पूर्व विधायक पारस जैन मौजूद रहेंगे। दशहरा महोत्सव समिति के प्रमुख शिवा ओम खत्री ने बताया कि इस वर्ष भव्य आकर्षक आतिशबाजी का आयोजन कार्यक्रम में सतत 45 मिनट तक चलता रहेगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पिलकेन्द अरोरा एवं डॉ. हरीशकुमार सिंह द्वारा किया जाएगा।
कार्तिक मेला में 40 फीट ऊंचे गोल्डन, सिल्वर झरने रहेंगे आकर्षण का केंद्र
कार्तिक मेला प्रांगण में स्व. प्रेमनारायण यादव और स्व. राम भैया यादव की स्मृति में आज 101 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। समिति के सचिव चेतन प्रेमनारायण यादव ने बताया कि रावण पर आतिशबाजी के माध्यम से जगमगाते तीरों से प्रहार किया जाएगा, जिसमें ग्वालियर एवं शिवपुरी के आतिशबाज जंगी प्रदर्शन करेंगे। इस बार आतिशबाजी में विशेष आकर्षण 40 फीट ऊंचे गोल्डन और सिल्वर झरने रहेंगे। आतिशबाजी का प्रदर्शन संध्या 6:30 बजे से किया जाएगा। रावण के पुतले का निर्माण सुप्रसिद्ध कलाकार राम लखन के निर्देशन में किया जा रहा है। भगवान श्रीराम लक्ष्मण की सवारी और देवगुरु बृहस्पति महाराज की पालकी का परंपरानुसार कार्तिक मेला प्रांगण पर पहुंचेगी। पालकी का पूजन आयुक्त नगर पालिका निगम आशीष पाठक द्वारा किया जाएगा, और समिति द्वारा सभी धर्मगुरुओं का सम्मान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पंडित आनंदशंकर व्यास और पं. स्व. राधेश्याम उपाध्याय की प्रेरणा से उप महापौर स्व. प्रेमनारायण यादव समिति के सदस्यों ने नागरिकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए वर्ष 1983 से इस आयोजन की शुरुआत की थी। इस वर्ष भी भगवान श्रीराम और रावण युद्ध में मध्य समर क्षेत्र में संवाद भी होंगे।
भैरवगढ़ में होगा 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन
भैरवगढ़ स्थित उन्हेल नाका चौराहे पर रात 8 बजे 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इसके पश्चात दशहरा मिलन समारोह का आयोजन होगा। श्री राम नवयुवक मंडल के प्रमुख एवं पूर्व पार्षद संजय कोरट ने बताया कि आयोजन का यह 27वां वर्ष है। रावण के पुतले का निर्माण उज्जैन निवासी राजेंद्र चावड़ा द्वारा किया गया है, जबकि आतिशबाजी के लिए देवास के कलाकार छोटे खान और आरिफ खान को बुलाया गया है।