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Ujjain News: मंदिरों में सेल्फी लेने पर लगे प्रतिबंध, श्रीराम कथा में बोलीं महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा गिरी

Tue, 21 Jan 2025 03:26 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

महामंडलेश्वर श्री नागर ने कहा कि पृथ्वी पर जब-जब असुरों का अत्याचार बढ़ा, तब-तब ईश्वर ने किसी न किसी रूप में अवतार लेकर असुरों का संहार किया। उन्होंने कहा कि मंदिरों में सेल्फी पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। मोबाइल ने हमसे हमारे इष्ट छीन लिए हैं। 
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श्री राम कथा मे महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा गिरी ने कहा - मंदिरों मे सेल्फी पर लगाओ प्रतिबंध
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ का अवसर चल रहा है। ऐसे पर्व काल में श्री राम कथा का श्रवण करना गंगा स्नान से कम नहीं है। जिस तरह मां गंगा का प्राकट्य हुआ था, ऐसा ही भगीरथ प्रयास नागदा के श्याम परिवार द्वारा किया गया। यह बात नागदा में आयोजित दिव्य श्री राम कथा में महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री अन्नपूर्णा गिरी वर्षा नागर ने कही। निरंजनी अखाड़ा उज्जैन की संत महामंडलेश्वर ने कथा में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुनाया। साध्वी जी ने बताया कि सनातन की पुत्री को अपने माता-पिता के संस्कार, गौरव को बढ़ाना चाहिए और अपने कर्म-कौशल से ससुराल एवं मायका दोनों के नाम को रोशन करने का दायित्व निभाना चाहिए। उन्होंने आज के परिवेश में लव मैरिज और माता-पिता की बिना अनुमति के शादी करने वालों पर आपने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे सनातन विरोधी बताया। 

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महामंडलेश्वर श्री नागर ने कहा कि पृथ्वी पर जब-जब असुरों का अत्याचार बढ़ा, तब-तब ईश्वर ने किसी न किसी रूप में अवतार लेकर असुरों का संहार किया। उन्होंने कहा कि मंदिरों में सेल्फी पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। मोबाइल ने हमसे हमारे इष्ट छीन लिए हैं। कथा के यजमान दीपेंद्र सिंह कृष्णा शेखावत, दिनेश अग्रवाल, नीलेश अग्रवाल और आशीष अग्रवाल रहे।

यज्ञों की भूमि है नागदा
नागदा यज्ञों की भूमि है। राजा जनमेजय की भूमि है। ऐसी पवित्र भूमि पर माता बगलामुखी का प्रभावशाली यज्ञ 25 जनवरी 2025 को 108 जोड़ों के साथ किया जाएगा। इससे नगर में सुख-समृद्धि होगी और यह जनकल्याणकारी होगा। श्री राम कथा से जीते-जी जीवन का निर्माण होता है। पूज्य वे होते हैं, जिनके आचरण पूजनीय होते हैं। जिन्होंने राम राज्य देखा और रामलीला की स्थापना की। राघवेंद्र सरकार की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर श्री राम कथा का आयोजन श्याम परिवार द्वारा किया गया।

 

 

 

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