महाकाल मंदिर दर्शन घोटाले में हो रही गिरफ्तारी।
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महाकाल मंदिर दर्शन घोटाले के मामले में पकड़ाए उमेश पंड्या और क्रिस्टल कंपनी के सुपरवाइजर करण राठौर को पुलिस ने सोमवार को न्यायालय में पेश किया। न्यायाधीश ने इस गंभीर मसले में पकड़ाए इन दो आरोपियों को भी जेल पहुंचा दिया है। अब तक दर्शन घोटाले में पकड़ाए दस लोगों को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
हालांकि इस मामले में फरार आरोपी अब तक पुलिस गिरफ्त से दूर हैं। एक आरोपी जिसके बारे में यह अफवाह उड़ी थी कि उसने जहर खा लिया है वह भी फरार है। उमेश पंड्या और करण राठौर के खातों से भी पुलिस को लाखों के ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है। दोनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में जो भी बताया है पुलिस ने इसका खुलासा नहीं किया है। सोमवार को दो दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल पहुंचा दिया गया। अब इस मामले में फरार आरोपी मंदिर समिति के सदस्य दीपक मित्तल, आशीष शर्मा, मीडियाकर्मी फरार हैं। अब पुलिस को सरगर्मी से इन चारों आरोपियों की तलाश है। सोमवार को दो आरोपियों के जेल जाने के बाद अब तक इस मामले में 10 आरोपी जेल पहुंचाए जा चुके हैं।
अवैध वसूली में पकड़ाए 6 कर्मचारी सस्पेंड
महाकाल मंदिर में भस्मारती और सामान्य दर्शन कराने के नाम पर अवैध रूप से पैसा लेने के मामले में महाकाल मंदिर प्रबंधन ने आधा दर्जन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। दर्शनार्थियों के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए महाकाल मंदिर प्रशासन अपनी पूरी ताकत लगा रहा है। मंदिर प्रशासन ने अब तक छह कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। इससे गिरोह से जुड़े कर्मचारियों में हलचल मची हुई है। गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों से नए नाम सामने आने की चचार्एं भी हैं। अब तक मंदिर प्रशासन द्वारा अभिषेक भार्गव, राजकुमार सिंह, राजेंद्रसिंह सिसौदिया, रितेश शर्मा, राकेश श्रीवास्तव और विनोद चौकसे पर कार्रवाई की जा चुकी है। अनुकूल जैन, प्रभारी प्रशासक एवं एडीएम ने बताया कि दर्शन के नाम पर अवैधानिक रूप से पैसा लेने के मामले में छह कर्मचारियों को सस्पेंड किया है।