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Mahakal Mandir Ujjain: महाकालेश्वर मंदिर पहुंची ASI-GSI की टीम, गर्भगृह का किया सर्वे, जानें क्या है मामला

Tue, 26 Dec 2023 10:39 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

Mahakal Mandir Ujjain: महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल शिवलिंग क्षरण की जांच करने के लिए आई ASI और GSI की टीम ने सर्वे किया। टीम ने शिवलिंग के साथ ही महाकाल मंदिर परिसर स्थित ओंकारेश्वर मंदिर और नागचंद्रेश्वर मंदिर का निरीक्षण किया।
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गर्भगृह का सर्वे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर भगवान के शिवलिंग का कहीं क्षरण तो नहीं हो रहा है। इसी की जांच करने मंगलवार को एएसआई और जीएसआई की टीम महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थी। जहां टीम के सदस्यों ने धागे से बाबा महाकाल के शिवलिंग की गोलाई नापी और यंत्रों से शिवलिंग के क्षरण की जांच की गई।

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टीम के अन्य सदस्यों ने अलग-अलग तरीके से शिवलिंग के अनगिनत फोटो भी लिए। यह जांच यही नहीं रुकी, टीम के सदस्य महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में जाने के साथ ही भगवान श्री नागचंद्रेश्वर और श्री ओमकारेश्वर महादेव के गर्भगृह में भी पहुंचे और यहां भी यह पता किया कि पूजन-अर्चन से कहीं शिवलिंग का क्षरण तो नहीं हो रहा है। 

बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवलिंग क्षरण को रोकने के लिए एएसआई और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की आठ सदस्यीय टीम उज्जैन पहुंची। टीम ने बाबा महाकाल के शिवलिंग, महाकाल मंदिर के गर्भगृह, मंदिर के शीर्ष भाग पर स्थित ओंकारेश्वर मंदिर और नागचंद्रेश्वर मंदिर का निरीक्षण किया। यहां मजबूती को लेकर बारीकी से जांच की गई।
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जांच टीम के प्रमुख रामजी निगम ने बताया कि माननीय न्यायालय के आदेश पर टीम यहां आई है, जिनके द्वारा पूरे महाकाल मंदिर का निरीक्षण किया गया। इस टीम में दिल्ली और भोपाल के चार प्रमुख सदस्य मौजूद हैं। उनके साथ ही सहयोगी के रूप में चार सहायक सदस्य भी साथ आए हैं, जो की समीक्षा करने के बाद एक रिपोर्ट तैयार कर इसे सुप्रीम कोर्ट में पेश करेंगे।

टीम के इन सदस्यों ने की जांच
बताया जाता है कि इस टीम में कुल आठ सदस्य शामिल हैं, जिसमें से टीम के प्रमुख रामजी निगम हैं। इनके साथ ही भोपाल से डॉ. मोहन विक्रम, डॉ. सरकार और राधेश्याम जी के साथ ही अन्य सदस्य जांच के लिए यहां आए हैं। 

याद रहे की महाकाल मंदिर शिवलिंग को हो रहे नुकसान को लेकर वर्ष 2017 में मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया था। मामले में आदेश जारी किया गया था कि एएसआई और जीएसआई की टीम प्रतिवर्ष शिवलिंग की जांच कर रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगी। यही कारण है कि यहां यह जांच दल आया है, जो की पहले भी कई बार जांच कर चुका है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति का पता चल पाएगी कि सभी निर्देशों का पालन करने के बाद शिवलिंग का क्षरण हो रहा है या नहीं।

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