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Mahakal: मोरारी बापू ने महाकाल में सिर पर कफनी बांधकर पूजा की, अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने जताई आपत्ति

Mon, 07 Aug 2023 01:05 PM IST
लोकेंद्र सिंह चंपावत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

प्रसिद्ध राम कथावाचक मोरारी बापू उज्जैन पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने महाकाल मंदिर के गर्भगृह में सिर पर कफनी बांधकर और लुंगी पहनकर पूजा की। इसको लेकर अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि यह गर्भगृह के नियम और परंपरा के विपरीत है। वहीं मोरारी बापू से जुड़े लोगों ने उसे गुजराती पगड़ी बताया है। 
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महाकाल की पूजा करते मोरारी बापू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू के महाकाल के गर्भगृह में पूजन करने पर अब आपत्ति आई है। दरअसल उन्होंने महाकाल मंदिर के गर्भगृह में सिर पर कफनी बांधकर और लुंगी पहनकर पूजा की थी। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ का कहना है कि यह गर्भगृह के नियम, परंपरा और मर्यादा के विपरीत है।

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अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पुजारी ने इस पर आपत्ति  जताई। उनका कहना है कि नियम अनुसार गर्भगृह में संत या भक्त सिर पर टोपी, कपड़ा, पगड़ी आदि नहीं पहनते हैं और प्रवेश बंद होने पर लांग वाली धोती पहनकर जाते हैं। मोरारी बापू ने मंदिर की परंपरा और मर्यादा के विपरीत सिर पर कफन नुमा कपड़ा बांधकर और लुंगी पहनकर दर्शन और पूजन की। जिसका मंदिर समिति व पूजा कराने वाले पुजारी-पुरोहितों ने भी ध्यान नहीं रखा। 

बापू ने पहनी थी गुजराती पगड़ी
मामले में मोरारी बापू से जुड़े लोगों ने बताया कि बापू के 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा के दौरान तिरुपति बालाजी के दर्शन हुए। मोरारी बापू ने तिरुपति परंपराओं के अनुसार मंदिर में अपना सिर मुंडवाया और उसके बाद गुजराती पगड़ी पहनी। बापू के दादा और पिता और आगे की पीढ़ियों ने गुजराती विशिष्ट पगड़ी पहनी थी। यह पारंपरिक सौराष्ट्र पोशाक का एक हिस्सा है। 

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