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Ujjain News: धार्मिक नगरी में बंद हो गईं शराब दुकानें, वर्षों से परेशान महिला बोली-इन्हें मेरे महादेव ने हटाया

Tue, 01 Apr 2025 01:27 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
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उज्जैन में शराब बंदी पर लोगों की प्रतिक्रियाएं - फोटो : अमर उजाला
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मध्य प्रदेश के 19 धार्मिक क्षेत्रों में आज यानी 1 अप्रैल से शराब बंदी पर अमल शुरू हो गया है। उज्जैन में नगर निगम की परिसीमा में शराब के विक्रय पर रोक लगा दी गई है। इसके तहत नगर की सीमा में आने वाली लगभग 17 शराब की दुकानों को बंद कर दिया गया है। इससे सरकार को 2 अरब 42 करोड़ 47 लाख 87 हजार का राजस्व प्राप्त होता था। सरकार को इस निर्णय से राजस्व का नुकसान जरूर हुआ, लेकिन यह निर्णय लेने पर धार्मिक नगरी उज्जैन के लोग काफी खुश हैं जिन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लेने पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।

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शराबबंदी को लेकर कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार शराबबंदी लागू कर दी गई है। जो दुकान नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आती थी उन्हें बंद करवा दिया गया है। साथ ही काल भैरव मंदिर के अंतर्गत आने वाले दो शराब के काउंटर भी बंद हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धा के हिसाब से श्रद्धालु भगवान कालभैरव को शराब चढ़ाते हैं तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन अगर कोई मंदिर के आसपास शराब को ब्लैक करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम क्षेत्र में आने वाले सभी बार के लाइसेंस भी सरेंडर करवा दिए गए हैं।

इंदौर रोड क्षेत्र में रहने वाली लोकगीत गायिका सुषमा व्यास ने मंगलवार से उज्जैन में लागू हुई शराब बंदी को लेकर कहा कि काफी अच्छा लग रहा है, क्योंकि घर के पास मेरे महादेव के मंदिर पर शराबी रोजाना बैठते थे और यहां गंदगी फैलाने के साथ ही कुछ कहने पर हमसे अभद्र व्यवहार करते थे। इन्हें हटाने की मनोकामना मैंने अपने भगवान महादेव से की थी और उन्होंने ही इन्हें हटाया है। अब मुझे भगवान की पूजा करने में कोई समस्या नहीं आएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी इस अच्छे कार्य के लिए धन्यवाद। सेवानिवृत्ति व्याख्याता निशिकांत ने कहा कि 21 वर्षों से हम इसी समस्या से परेशान थे कि घर के पास से यह शराब की दुकान आखिर कब हटेगी। हमने कई लोगों को शिकायतें कीं, आवेदन दिए लेकिन कुछ नहीं हुआ। पिछले वर्ष हमने जनप्रतिनिधियों को यह चैलेंज भी दिया था कि वह एक दिन हमारे घर रुकें और घर के पास बनी शराब दुकान के कारण होने वाली परेशानी को खुद देखें। किसी जनप्रतिनिधि ने यह चैलेंज एक्सेप्ट तो नहीं किया, लेकिन अब हमारी सभी समस्याओं का निदान हो चुका है। अब हमें सुकून की नींद आएगी। उज्जैन में शराबबंदी होने पर हम बाबा महाकाल के दरबार पहुंचकर उन्हें प्रसाद भी चढ़ाएंगे।
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आज से इन दुकानों पर लग गए ताले
शराबबंदी के कारण आज से धार्मिक नगरी उज्जैन में नानाखेड़ा क्रमांक एक, फ्रीगंज, छत्री चौक (काल भैरव काउंटर सहित), फाजलपुरा, नागझिरी क्रमांक एक, नानाखेड़ा क्रमांक दो, सांवेर रोड, टंकी चौक, मकोड़िया आम, केडी गेट (काल भैरव काउंटर सहित), इंदौर गेट, कोयला फाटक, पंवासा, नीलगंगा, जयसिंहपुरा, नागझिरी-2, नई सड़क क्षेत्र की शराब दुकानें बंद हुई हैं।

शराब बेचना और खरीदना दोनों पूरी तरह से गैर कानूनी - एसपी
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि प्रदेश के 19 क्षेत्र में शराबबंदी की गई है। यह सभी धार्मिक क्षेत्र हैं जहां आज से शराब की बिक्री नहीं की जाएगी। इन स्थानों पर शराब बेचना और खरीदना दोनों पूरी तरह से गैर कानूनी होंगे। अगर इसके बावजूद भी कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाएगा।

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बैठक में लिया गया था यह ऐतिहासिक निर्णय
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों और ग्राम पंचायत में शराबबंदी की घोषणा 24 जनवरी 2025 को महेश्वर में आयोजित कैबिनेट की बैठक के दौरान की गई थी। धार्मिक नगरों में शराबबंदी किए जाने के पीछे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे नशा मुक्ति की दिशा में प्रदेश सरकार का एक कदम बताया था।


इन स्थानों पर आज से लागू हुई है शराबबंदी
आज से जिन क्षेत्रों में शराबबंदी की गई है वे सभी धार्मिक स्थल हैं। कालों के काल बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के साथ ही मां नर्मदा का उद्गम स्थल अमरकंटक, महेश्वर, राजाराम की नगरी ओरछा, 12 ज्योतिर्लिंगों में एक ओंकारेश्वर, मंडला में सतधारा क्षेत्र, मां ताप्ती का उद्गम क्षेत्र मुलताई, मां पीतांबरा का देवी शक्तिपीठ दतिया, भेड़ाघाट क्षेत्र जबलपुर, चित्रकूट, सलकनपुर, सांची, मैहर, वांद्रा वान, खजुराहो, पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र मंदसौर, नलखेड़ा, बरमान घाट और पन्ना इन क्षेत्रों में अधिकतर लोग भगवान के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं।

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