अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को लेकर चल रहे भ्रम और दुष्प्रचार के बीच उज्जैन से संत समाज की एकजुटता का बड़ा संदेश सामने आया है। श्री पंच निर्मोही अखाड़े में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि निर्मोही अखाड़ा मौजूदा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के साथ रहेगा और नासिक, हरिद्वार, उज्जैन तथा प्रयागराज के आगामी सभी कुंभ मेले परिषद के नेतृत्व में ही संपन्न होंगे। बैठक में देशभर के 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और सनातन परंपरा की एकता पर जोर दिया।
निर्मोही अखाड़े में हुई अहम बैठक
निर्मोही अखाड़े में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्र पुरी महाराज ने की। बैठक की शुरुआत निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत मदन मोहन दास महाराज ने परिषद के अध्यक्ष और उपस्थित संतों के स्वागत से की।
बैठक में महंत मदन मोहन दास महाराज, भगवान दास महाराज, सीताराम दास महाराज सहित निर्मोही अखाड़े के सभी पंच उपस्थित रहे। इसके अलावा आनंद अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं परिषद के कोषाध्यक्ष महंत शंकरानंद सरस्वती महाराज, जूना अखाड़े के राष्ट्रीय सचिव महंत रामेश्वर गिरी महाराज, बड़ा उदासीन अखाड़े के प्रतिनिधि रघु मुनि महाराज सहित सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया।
आगामी सभी कुंभ मेले परिषद की अगुवाई में होंगे
बैठक के बाद महंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि महंत मदन मोहन दास महाराज के निमंत्रण पर शैव, वैष्णव, निर्मल और उदासीन परंपरा के संत-महंत एकत्र हुए। आपसी चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नासिक, हरिद्वार, उज्जैन और प्रयागराज के आगामी सभी कुंभ मेले मौजूदा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के नेतृत्व में ही आयोजित किए जाएंगे।
निर्मोही अखाड़े ने परिषद को दिया पूर्ण समर्थन
निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत मदन मोहन दास महाराज ने कहा कि देश में साधु-संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ही है। उन्होंने कहा कि परिषद का नेतृत्व महंत रविंद्र पुरी महाराज और जूना अखाड़े के महामंत्री हरि गिरि महाराज कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्मोही अखाड़े के लाखों साधु-संत और नागा इसी परिषद के साथ हैं और आगामी कुंभ स्नान में भी परिषद के नेतृत्व में शामिल होंगे।
दुष्प्रचार पर लगाया विराम
बैठक में हरिद्वार में अखाड़ा परिषद को लेकर किए जा रहे दुष्प्रचार पर भी चर्चा हुई। महंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि कुछ लोग स्वयंभू अध्यक्ष बनकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि मौजूदा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद पूर्ववत अपने दायित्वों का निर्वहन करती रहेगी।
पहले हुआ संतों का मिलन, फिर कुंभ पर मंथन
सनातन धर्म की एकता का संदेश देते हुए उज्जैन में शैव और वैष्णव परंपरा के संत एक मंच पर आए। श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी और निर्मोही अखाड़े में आयोजित इस मिलन समारोह में आगामी कुंभ मेलों की तैयारियों और संत समाज की एकजुटता पर विस्तृत चर्चा की गई। परिषद के प्रवक्ता डॉ. गोविंद सोलंकी ने बताया कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत मदन मोहन दास महाराज का भव्य स्वागत किया गया।
'संतों के मतभेद अब समाप्त'
समारोह के दौरान महंत भगवान दास महाराज ने कहा कि संतों के बीच मतभेद पानी में लाठी मारने जैसे होते हैं, जिनकी कोई स्थायी रेखा नहीं बनती। उन्होंने कहा कि अब सभी मतभेद समाप्त हो चुके हैं और संत समाज पूरी तरह एकजुट है।
महंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में होने वाले आगामी कुंभ मेलों के मद्देनजर सभी संतों का एक साथ आना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि निर्मोही अखाड़े ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को समर्थन देकर तीनों कुंभ मेलों को एकजुट होकर आयोजित करने का संकल्प लिया है।
सैकड़ों संत-महंत रहे मौजूद
इस अवसर पर जूना अखाड़े के राष्ट्रीय सचिव महंत रामेश्वर गिरी महाराज, आनंद अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत शंकरानंद सरस्वती महाराज, महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर भगवान बापू, दिगंबर अखाड़े के महंत रामचंद्र दास महाराज, निर्वाणी अखाड़े के महंत दिग्विजय दास महाराज, निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीताराम दास महाराज सहित सैकड़ों संत-महंत उपस्थित रहे। बैठक के अंत में संतों ने सनातन धर्म की एकता बनाए रखने और अखाड़ा परिषद के नेतृत्व में आगामी सभी कुंभ मेलों को सफल बनाने का संकल्प दोहराया।