जानिए सेंट आगस्टिन स्कूल का वह मामला जिसमें प्राचार्य को जाना पड़ा जेल, झण्डावंदन न करने पर अभि
गणतंत्र दिवस पर उज्जैन के बड़नगर स्थित अमला गांव के मिशनरी स्कूल में प्रिंसिपल द्वारा तिरंगा नहीं फहराए जाने की घटना सामने आई है। इस मामले को लेकर अभिभावकों ने स्कूल में प्रदर्शन किया और पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद बड़नगर पुलिस ने प्राचार्य को गिरफ्तार कर धारा 151 के तहत कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया।
दरअसल, 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर ग्राम अमला के सेंट आगस्टिन स्कूल में न तो ध्वज फहराया गया और न ही छात्र-छात्राओं को मिठाई वितरित की गई। गणतंत्र दिवस के दिन स्कूल में ताला लगा रहा, जिससे अभिभावकों ने प्रशासन से शिकायत की।
पालकों, छात्र नेताओं और ग्रामीणों ने स्कूल के सामने प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलने पर तहसीलदार माला राय और प्रभारी बीईओ राधेश्याम परमार सोमवार को जांच के लिए स्कूल पहुंचे। उन्होंने पालकों और छात्रों के बयान दर्ज किए।
गणतंत्र दिवस पर झंडा नहीं फहराने से आक्रोशित अभिभावकों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने स्कूल प्राचार्य अनूप आगस्टिन को थाने बुलाया। वहां भी पार्षद यादवेंद्र यादव, भाजपा नेता अनिल यादव और अभाविप के मेहुल शर्मा समेत बड़ी संख्या में अभिभावक और छात्र एकत्रित हो गए। वे प्राचार्य की गिरफ्तारी और स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग कर रहे थे।
मौके पर मौजूद एसडीओपी एमएस परमार और थाना प्रभारी अशोक कुमार पाटीदार के समक्ष भी प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताया। पुलिस ने मामले में प्राचार्य अनूप आगस्टिन को धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से जमानत नहीं मिलने पर उन्हें जेल भेज दिया गया।
राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया
राधेश्याम परमार, प्रभारी बीईओ ने बताया कि बड़नगर विकासखंड के ग्राम अमला स्थित सेंट आगस्टिन स्कूल में गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया। न ही कोई शिक्षक या कर्मचारी स्कूल आया। स्कूल पहुंचे बच्चे वापस लौट गए। नगर पालिका द्वारा छात्र-छात्राओं के लिए दिए गए लड्डू भी स्कूल प्रबंधन ने नहीं बांटे।
विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें...