उज्जैन में करवा चौथ के चंद्रोदय का समय
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करवा चौथ को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रहे भ्रम पर विराम लग गया है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं पंचांगकर्ता पं. चंदन श्याम नारायण व्यास ने स्पष्ट किया है कि इस बार करवा चौथ पर भद्रा का कोई साया नहीं रहेगा और नवविवाहिताएं भी कुल परंपरा के अनुसार व्रत कर सकेंगी।
पंडित व्यास ने बताया कि कुछ लोग 29 अक्टूबर गुरुवार को कार्तिक कृष्ण चतुर्थी पर भद्रा होने की बात कह रहे हैं, जो सरासर गलत है। भद्रा का संयोग 28 अक्टूबर को ही समाप्त हो जाएगा। इसलिए 29 अक्टूबर की चतुर्थी भद्रा मुक्त रहेगी।
शुक्र अस्त का भी नहीं रहेगा दोष
सोशल मीडिया पर यह भी फैलाया जा रहा है कि शुक्र अस्त होने के कारण नवविवाहिताएं व्रत नहीं कर पाएंगी। इस पर पंडित व्यास ने कहा कि शास्त्रों में शुक्र अस्त में किसी व्रत के प्रारंभ और उद्यापन को वर्जित बताया गया है, लेकिन शुक्र का उदय 28 अक्टूबर को ही हो रहा है। ऐसे में सभी सुहागिनें अपनी कुल परंपरा के अनुसार व्रत कर सकती हैं। कुछ विद्वान शुक्र उदय के तीन दिन बाल्यावस्था मानते हैं, इसलिए भी व्रत करने में कोई दोष नहीं है।
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करवा मिट्टी का, छलनी का नहीं है शास्त्रीय महत्व
पंडित व्यास ने बताया कि करवा चौथ मूल रूप से कर चतुर्थी है। शास्त्र में पंचतत्व पूजन का विधान है और करवा मिट्टी का होता है। शास्त्र में छलनी के पूजन का कोई उल्लेख नहीं है। छलनी से पूजन की परंपरा मुख्य रूप से पंजाब क्षेत्र में देखने को मिलती है। भारत में हर 100 कोस पर मान्यताएं बदलती हैं। यह कोई अलग त्योहार नहीं, बल्कि पूरे साल की तरह इस दिन भी भगवान श्री गणेश की पूजा होती है, बस इस दिन महिलाएं पति की आरोग्यता और परिवार की शुभ-समृद्धि की कामना करती हैं।
कहां कब निकलेगा चांद - नोट कर लें समय
पंचांग के अनुसार 29 अक्टूबर को चंद्रोदय -
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शहर
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समय
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उज्जैन
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रात 8:32 बजे
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इंदौर
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रात 8:33 बजे
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भोपाल
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रात 8:25 बजे
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ग्वालियर
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रात 8:14 बजे
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जबलपुर
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रात 8:15 बजे
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गुना
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रात 8:22 बजे
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