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Ujjain News: कृष्णमंगल सिंह कुलश्रेष्ठ स्मृति सम्मान समारोह आज, कर्मयोगियो का होगा सम्मान

सार

कर्मयोगी कृष्णमंगल सिंह कुलश्रेष्ठ स्मृति सम्मान समारोह उज्जैन में 26 सितंबर को होगा। इस दौरान कला, शिक्षा, न्याय और चिकित्सा क्षेत्र के कर्मयोगियों का सम्मान किया जाएगा। 
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कर्मयोगी कृष्णमंगल सिंह कुलश्रेष्ठ स्मृति सम्मान समारोह आज... कला, शिक्षा, न्याय, चिकित्सा के क
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भारतीय ज्ञानपीठ श्रीपाल एजुकेशन सोसाइटी और श्री कृष्ण शिक्षण लोक परमार्थ समिति द्वारा 26 सितंबर 2024 को गांधीवादी, शिक्षाविद और कर्मयोगी स्व. कृष्णमंगल सिंह कुलश्रेष्ठ (एडवोकेट) की जयंती पर "कर्मयोगी कृष्णमंगल सिंह कुलश्रेष्ठ स्मृति सम्मान 2024" का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कर्मयोगियों को सम्मानित किया गया।
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समिति के सदस्य संदीप कुलश्रेष्ठ ने बताया कि कला के क्षेत्र में पद्मश्री ओमप्रकाश शर्मा, शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री डॉ. भगवती लाल राजपुरोहित, न्यायक्षेत्र में शशि मोहन श्रीवास्तव और चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ. विजय महाडिक को इस सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी प्रेमनारायण नागर थे। यह आयोजन शाम 4 बजे भारतीय ज्ञानपीठ परिसर, माधव नगर रेलवे स्टेशन के सामने, उज्जैन में संपन्न होगा।

कौन थे कृष्णमंगल सिंह कुलश्रेष्ठ?
कर्मयोगी स्व. कृष्णमंगल सिंह कुलश्रेष्ठ उज्जैन के शिक्षा और सामाजिक जगत में अनुकरणीय योगदान देने वाले वरिष्ठ गांधीवादी थे। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित किया। सर्वोदय आंदोलन के सेनानी के रूप में उन्होंने युवावस्था से गांधी विचारों को आत्मसात किया और कई सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी की, जिनमें जयप्रकाश नारायण के समग्र क्रांति आंदोलन और भूदान पदयात्राएं शामिल थीं।  कृष्णमंगल सिंह कुलश्रेष्ठ ने वकालत के क्षेत्र में भी आदर्श स्थापित किए और 1992-93 में अभिभाषक संघ उज्जैन के अध्यक्ष रहे। उन्होंने खादी ग्रामोद्योग विकास मंडल के अध्यक्ष पद पर रहते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और अन्य लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया। उनके द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थान महिला सशक्तिकरण के प्रमुख केंद्र रहे हैं। पर्यावरण और नदी संरक्षण के क्षेत्र में उनका योगदान अमूल्य था। उन्होंने विभिन्न युवा शिविरों का आयोजन करके युवाओं को नेतृत्व और सृजन के गुण सिखाने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया।  
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