सार
Ujjain: पर्यावरण के लिए पौधों का वितरण, अच्छी शिक्षा के लिए पुस्तकों का वितरण और ठंड में शरीर के बचाव के लिए वस्त्रों का वितरण कुछ ऐसा ही नजारा केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में मानव अधिकार दिवस पर आयोजित समारोह के दौरान देखने को मिला। जहां कैदियों को अपराध के नहीं बल्कि सद्मार्ग पर चलने की सीख दी गई। उनके मनोरंजन के लिए आर्केस्ट्रा प्रोग्राम भी रखा गया, जिसमें कैदियों ने खुद जैसी करनी वैसी भरनी जैसे गाने गाए।
केंद्रीय जेल में निराले तरीके से मना मानव अधिकार दिवस
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मानव अधिकार दिवस के अवसर पर आदित्य मानव विकास शोध संस्थान, उज्जैन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उज्जैन के सौजन्य से केन्द्रीय जेल उज्जैन में शिविर आयोजित किया गया। आदित्य मानव विकास शोध संस्थान प्रमुख श्रीमती अंजना शुक्ला, डॉ. अरूणा सेठी, प्रिंसिपल एंड डीन, शासकीय लॉ कॉलेज उज्जैन, श्रीमती निशा त्रिपाठी डायरेक्टर सेंट मीरा कान्वेंट स्कूल उज्जैन, डॉ. रोनक एलची नोडल अधिकारी जिला चिकित्सालय उज्जैन, रवि शुक्ला एवं संगीता जादौन अधिवक्ताद्वय तथा जितेन्द्र चौहान सायबर एक्सपर्ट विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अतिथियों द्वारा मानव अधिकारों के संबंध में अवगत कराकर मानव अधिकार दिवस मनाए जाने के संबंध में उद्बोधन दिया गया। आदित्य मानव विकास शोध संस्थान द्वारा जेल में परिरूद्ध बंदियों को ठण्ड से बचाव हेतु मौजे, अध्यात्मिक-नैतिक शिक्षा हेतु श्रीमद् भागवद की पुस्तके एवं शुद्ध वातावरण हेतु तुलसी के पौधे वितरीत किये गये। अतिथियों द्वारा जेल व्यवस्था एवं बंदी अनुशासन की प्रशंसा की गई। इस अवसर पर जसमन डाबर उपजेल अधीक्षक, सुरेश गोयल सहायक जेल अधीक्षक, प्रवीण मालवीय सहायक जेल अधीक्षक सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
कैदियों ने भी गाए गाने
इस आयोजन के दौरान केंद्रीय जेल का माहौल कुछ ऐसा हो गया था कि यहां कैदियों ने भी अपने पसंदीदा गाने गाए और इस कार्यक्रम के माध्यम से सदमार्ग पर चलने का संकल्प लिया।