हजारो कन्याओ का पूजन कर बनाया रिकॉर्ड
महाकाल की नगरी उज्जैन ने इस नवरात्रि नारी शक्ति के सम्मान में वास्तव में एक नया इतिहास रच दिया है। लोकमान्य तिलक महाआयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित इस विराट कन्या महाकुंभ का दूसरा वर्ष पूरी भव्यता और ऐतिहासिक सफलता के साथ संपन्न हो गया। आज सुबह 9.30 से पूरे शहर में एक ही मंत्र और एक ही संकल्प की गूंज सुनाई दी जय माता दी।
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भव्यता और विशालता के नए आयाम
शहर के अलग-अलग 151 स्थानों पर बनाए गए भव्य पंडालों, धर्मशालाओं, बड़े हॉलों और खुले परिसरों में 13 साल से कम उम्र की 35 हजार से अधिक कन्याओं का एक ही शुभ मुहूर्त में एक साथ महापूजन संपन्न हुआ। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए शहर के हर जोन में 5 हजार से अधिक वालंटियरों ने पिछले कई महीनों से दिन-रात जो मेहनत की थी, वह आज धरातल पर ऐतिहासिक रूप में फलीभूत हुई। इस महाकुंभ के सूत्रधार विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा और उनकी पूरी टीम की 6 महीने की कड़ी मेहनत रंग लाई।
कार्यक्रम के सफल समापन के बाद विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि यह सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति से जोड़ने का एक सफल जनआंदोलन साबित हुआ है। उज्जैन की जनता और हमारी समर्पित टीम के सहयोग से जो रिकॉर्ड आज बना है, वह अद्वितीय है। इस ऐतिहासिक महाकुंभ में शहर के तमाम प्रतिष्ठित समाजसेवी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और इस अभूतपूर्व आयोजन के साक्षी बने। उज्जैन में इससे पहले भी कई धार्मिक आयोजन हुए हैं, लेकिन एक ही शहर में, एक ही समय पर, 151 स्थानों पर 35 हजार कन्याओं का एक साथ पूजन सफलतापूर्वक संपन्न होकर सनातन इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।
आयोजन की तस्वीरें-