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Navratri 2023: मां चामुंडा के 12 मंगलवार दर्शन करने से होती है हर मुराद पूरी, महाष्टमी पर होती है सरकारी पूजा

Wed, 29 Mar 2023 09:21 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

धार्मिक नगरी उज्जैन तीर्थों की तीर्थ स्थली के रूप में प्रतिष्ठित है। पुराणो में ऐसी मान्यता है कि उज्जैन ही ऐसा तीर्थ स्थल है जहां तैतीस करोड़ देवी देवता विराजमान हैं। इनमें से कई तो साक्षात और चमत्कारी है तो कई पौराणिक रूप से भी प्रतिष्ठित हैं।
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चामुंडा माता मंदिर उज्जैन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्रेश्वरी चामुंडा माता मंदिर उज्जैन, मध्यप्रदेश का प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है। यह मंदिर शहर के मध्य चामुण्डा माता चौराहे पर स्थित है। यहाँ देवी 'छत्रेश्वरी' तथा 'चामुण्डा' दो रूप में विराजित हैं। इस मंदिर में माता पूर्व दिशा की ओर मुख करके विराजित हैं। मंदिर का जीर्णोद्धार 1971 में हुआ था। शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी पर माता की शासकीय पूजा होती है। चैत्र नवरात्रि तथा अंग्रेजी नववर्ष की पहली तारीख पर मंदिर में देवी को छप्पन भोग लगाया जाता है तथा फूलों व फलों से आकर्षक सज्जा की जाती है। भक्तों का कल्याण करने वाली माता चामुण्डा को मंगलकरणी भी कहा गया है। इसलिए मंगलवार के दिन माताजी के दर्शन पूजन का विशेष महत्व है। छत्रेश्वरी चामुण्डा माता मंदिर में परिक्रमा पथ पर नवदुर्गा की मूर्तियां भी विराजित हैं। पृष्ठ भाग में हनुमान, महाभैरव तथा शिव का मंदिर भी है। मान्यता है कि लगातार बारह मंगलवार को माता के दर्शन करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं।
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प्रतिदिन नि:शुल्क भोजन वितरण
मंदिर के पुजारी पंडित सुनील गुरू ने बताया कि मंदिर में भक्तों के सहयोग से प्रतिदिन नि:शुल्क भोजन का वितरण किया जाता है। प्रतिदिन सुबह व शाम को मंदिर में निश्चित समय पर भोजन का वितरण किया जाता है, जिसका लाभ उज्जैन में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुजनों के साथ ही सैकड़ों निर्धन लोगों को भी मिलता है।
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