उज्जैन में शिप्रा तीर्थ परिक्रमा की शुरुआत सोमवार को रामघाट से हुई। ध्वज पूजन के साथ इस यात्रा का शुभारंभ किया गया। दो दिन तक चलने वाली इस परिक्रमा में शिप्रा नदी के किनारे स्थित विभिन्न मंदिरों और महत्वपूर्ण स्थानों का भ्रमण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 मई को रामघाट पर मां शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित करेंगे।
शिप्रा तीर्थ परिक्रमा हर साल उज्जैन में निकाली जाती है। इस वर्ष इसकी शुरुआत रामघाट पर ध्वज पूजन के साथ हुई। रामघाट पर शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के कार्यकारी अध्यक्ष महंत रामेश्वरदास महाराज और राज्यसभा सदस्य उमेशनाथ महाराज मौजूद रहे। प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, नगर निगम सभापति कलावती यादव, महापौर मुकेश टटवाल और विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा भी शामिल हुए।
ध्वज पूजन में गूंजे वैदिक मंत्र
यात्रा शुरू होने से पहले रामघाट पर पंडितों ने ध्वज पूजन किया। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया और यात्रा प्रारंभ हुई। इस यात्रा में पुरातत्ववेत्ता, इतिहासकार, वैज्ञानिक और साधु-संतों ने भाग लिया।
रामघाट से शुरू हुई यात्रा
दूसरे दिन रामघाट पहुंचेगी यात्रा
यात्रा के दूसरे दिन, यानी 26 मई को सुबह 9 बजे दत्त अखाड़ा घाट से ध्वज पूजन के साथ यात्रा शुरू होगी। इसके बाद यात्रा रणजीत हनुमान, भैरवगढ़, मंगलनाथ, अंगारेश्वर मंदिर, सांदीपनि आश्रम, काल भैरव, ऋणमुक्तेश्वर मंदिर, वाल्मीकि धाम, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार-ढाबा रोड से होते हुए शाम 5 बजे रामघाट पहुंचेगी।
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351 फीट लंबी चुनरी होगी अर्पित