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Ujjain News: AI से बनाया महाकाल मंदिर का फर्जी पास! गर्भगृह में घुसने पहुंचे तीन युवक, ऐसे खुल गई पूरी पोल

Tue, 14 Jul 2026 09:28 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन के महाकाल मंदिर में तीन युवक कथित तौर पर ChatGPT की मदद से तैयार किया गया फर्जी गर्भगृह दर्शन पास लेकर प्रवेश करने पहुंचे। सुरक्षा कर्मियों ने QR कोड स्कैन कर पास को नकली पाया और तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया। मामले की जांच जारी है।
 
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महाकाल मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल कहां तक ले जा सकता है, इसका एक मामला महाकाल मंदिर में सामने आया। कथित तौर पर ChatGPT की मदद से तैयार किए गए फर्जी गर्भगृह दर्शन पास के जरिए मंदिर में प्रवेश करने पहुंचे तीन युवकों को सुरक्षा कर्मियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

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क्यूआर कोड स्कैन होते ही खुल गई फर्जीवाड़े की पोल
आज सुबह भोपाल से आए भरत उइके (20), निवासी कोलार रोड, अपने दो नाबालिग दोस्तों के साथ महाकाल मंदिर पहुंचे। तीनों के मोबाइल में गर्भगृह दर्शन का पास था। शीघ्र दर्शन लाइन से प्रवेश के दौरान निजी सुरक्षा कंपनी के एसओ मनोजकरण राजपूत को पास देखकर संदेह हुआ। उन्होंने मंदिर समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर से पास का QR कोड स्कैन कराया, जिसमें पास फर्जी निकला। इसके बाद कुछ देर के लिए मंदिर परिसर में हड़कंप मच गया।
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नकली पास में क्यूआर कोड से लेकर ट्रांजेक्शन आईडी तक थी
बताया गया कि फर्जी पास में क्यूआर कोड, आधार फोटो, एंट्री पास, नाम, मोबाइल नंबर, टाइप ऑफ विजिट, पेमेंट टाइप, तारीख और समय, ट्रांजेक्शन आईडी, रजिस्ट्रेशन नंबर और गेट नंबर जैसी सभी जानकारियां दर्ज थीं। पहली नजर में यह पूरी तरह असली प्रतीत हो रहा था, लेकिन स्कैन करते ही इसकी सच्चाई सामने आ गई।

मंदिर समिति की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
एसओ मनोजकरण राजपूत और उनके सहयोगी गोपाल तीनों युवकों को सहायक प्रशासक शिवकांत पांडेय के पास ले गए। इसके बाद मंदिर समिति के कर्मचारी कुलदीप सिंह ने शिकायत देकर तीनों को महाकाल थाना पुलिस के हवाले कर दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि मंदिर समिति की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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गर्भगृह प्रवेश बंद होने से बढ़ा शक
जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी पास गर्भगृह प्रवेश के लिए बनाया गया था, जबकि वर्षों से महाकाल मंदिर के गर्भगृह में सामान्य श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद है। इसी वजह से सुरक्षा कर्मियों को पास देखकर संदेह हुआ और सत्यापन के दौरान पूरा मामला सामने आ गया।

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