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Ujjain: शेयर बाजार में निवेश के लिए फर्जी एडवाइजरी दे रहे आठ युवक गिरफ्तार, किराए के मकान में चला रहे थे धंधा

Sat, 08 Mar 2025 01:52 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

शेयर बाजार में निवेश के लिए फर्जी एडवाइजरी दे रहे आठ युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है। धोखाधड़ी में शामिल दो मुख्य सरगना अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
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बिरलाग्राम पुलिस की कार्रवाई से मची हड़कंप, किराये के मकान मे पकड़ाए 8 युवक, दो फरार
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के उज्जैन के लिए नागदा में बिरलाग्राम पुलिस ने ब्रोकिंग फर्म की आड़ में संचालित फर्जी एडवाइजरी फर्म पर बड़ी कार्रवाई की है। दुगार्पुरा की तंग गली में स्थित एक किराए के मकान में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर फर्जी एडवाइजरी दे रहे 8 युवकों को रंगे हाथ पकड़ा गया। जबकि इस अवैध धंधे को चलाने वाले दो मुख्य सरगना फरार हैं।
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दबिश के बाद देर रात 11 बजे पुलिस ने पकड़े गए युवकों पर प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग 500 से 600 ट्रेडर्स की एक्सल शीट, 9 कीपैड मोबाइल, 9 एंड्रॉयड मोबाइल और रुपए लेन-देन के लिए उपयोग किया जाने वाला क्यूआर कोड जब्त किया। पुलिस ने गिरफ्तार 9 और फरार आरोपियों पर धारा 318(4), 319(2), 61(2) व 3(5) में केस दर्ज किया।  

कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?
थाना प्रभारी जितेंद्र पाटीदार ने बताया कि करीब 8 से 10 दिन पहले दुगार्पुरा गली नंबर 4 में स्थित संजय यादव के दो मंजिला मकान को भारत पिता रामचंद्र परमार (21) निवासी दुगार्पुरा ने अपनी पत्नी के साथ रहने के नाम पर किराए पर लिया था। इसी मकान के ग्राउंड फ्लोर पर भारत अपने साथियों के साथ मिलकर ट्रेडर्स को ऐंजल ब्रोकिंग फर्म की आड़ में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर फर्जी एडवाइजरी दे रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी। आरोपियों से एडवाइजरी से संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाए। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने मुख्य सरगना आकाश ठाकुर उर्फ माडू पिता देवीलाल ठाकुर निवासी दुगार्पुरा और उसके भाई योगेश ठाकुर का नाम बताया है जो फरार हैं।
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10 दिन पहले बदला था ठिकाना
दरअसल, फर्जी एडवाइजरी का यह ऑफिस पहले जवाहर मार्ग स्थित वृंदावन भवन की बिल्डिंग में संचालित होता था। खुलासा होने पर आरोपियों ने करीब 8 से 10 दिन पहले ऑफिस खाली कर दिया। इसके बाद ऑफिस को तीन अलग-अलग हिस्सों में दुगार्पुरा और गुलाबबाई कॉलोनी में शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस ने जिन 8 युवकों को पकड़ा, वे तीसरी टीम के सदस्य थे। सूचना मिलते ही बाकी दो टीमें फरार हो गईं। यह युवा कीपैड फोन और फर्जी सिम कार्ड की मदद से ट्रेडर्स को मोटे मुनाफे का लालच देकर उनसे पैसे ऐंठते थे। पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

गिरफ्तार किए गए यह आरोपी 
  1. भारत पिता रामचंद्र परमार (21) निवासी दुगार्पुरा
  2. बबलू पिता तोलाराम परमार (21) निवासी अमलावदिया
  3. विशाल पिता कैलाश मकवाना (21) निवासी भगतपुरी
  4. राधे पिता राजाराम मकवाना (20) निवासी विद्यानगर
  5. विवेक पिता अशोक ठाकुर (20) निवासी दुगार्पुरा
  6. अनिल पिता मनोहर बैरागी (20) निवासी विद्यानगर
  7. सुदामा पिता सुरेशचंद्र भाट (23) निवासी गवर्नमेंट कॉलोनी
  8. उमेश पिता जगदीश कहार (25) निवासी श्रीराम कॉलोनी
 

 

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