देश के बैंक कर्मचारी 5-डे वर्किंग (पांच दिवसीय कार्य सप्ताह) की अपनी मुख्य मांग को लेकर एक बार फिर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर आगामी 28, 29 और 30 सितंबर को लगातार तीन दिनों की राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल की घोषणा की गई है।
इस हड़ताल के कारण आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि 26 सितंबर (शनिवार) और 27 सितंबर (रविवार) की साप्ताहिक छुट्टी के बाद अगले तीन दिन हड़ताल रहेगी। यानी लगातार पांच दिनों तक बैंकों में ताले लटके रहेंगे। बैंक सीधे 1 अक्टूबर को खुलेंगे, जिसके बाद 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर पुनः शासकीय अवकाश रहेगा।
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जानिए क्यों हो रही है हड़ताल?
एनसीबीई मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष और अखिल भारतीय ओवरसीज बैंक संघ के प्रदेश महासचिव विपिन सिंह सतोरिया ने हड़ताल के बारे में बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम सहित केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकांश कार्यालयों में 5-डे वर्किंग की व्यवस्था लागू है, लेकिन बैंकिंग क्षेत्र को इससे अब तक वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि 8 मार्च 2024 को केंद्र सरकार और बैंक यूनियनों के बीच पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी थी। इसके बावजूद वित्त मंत्रालय द्वारा अब तक इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। सतोरिया ने साथ ही चेतावनी दी कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर इस महीने दूसरी बार आंदोलन कर रहे हैं। इससे पहले 11 सितंबर को भी एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जा चुकी है।
उज्जैन में रैली निकालकर दर्ज कराएंगे विरोध
अगर अकेले उज्जैन जिले की बात करें तो लगभग 297 बैंक शाखाओं के 4 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी इस आंदोलन में सीधे तौर पर शामिल हो रहे हैं। हड़ताल के दौरान कर्मचारी टॉवर चौक से एक विशाल विरोध रैली निकालेंगे और प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में हुंकार भरेंगे।
आम जनता को होगी परेशानी
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट, पासबुक प्रिंटिंग और अन्य शाखा स्तरीय सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहेंगी। लेकिन राहत की बात यह है कि हड़ताल के बावजूद इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम सेवाएं सुचारू रूप से कार्य करती रहेंगी। बैंक संघ प्रतिनिधियों ने आम नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपने जरूरी वित्तीय व बैंकिंग कार्य हड़ताल शुरू होने से पहले ही निपटा लें।