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Ujjain News: खरमास में एक महीने तक मांगलिक कार्य बंद, अब अप्रैल-मई से शुरू होंगे मुहूर्त

Fri, 21 Mar 2025 05:30 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

खरमास के चलते 14 अप्रैल तक शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं। सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के बाद विवाह और अन्य शुभ कार्य शुरू होंगे। अप्रैल-मई में 11 शुभ मुहूर्त रहेंगे। 8 जून के बाद गुरु अस्त होने से विवाह नहीं होंगे, जो 16 नवंबर से फिर शुरू होंगे।
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ज्योतिषाचार्य पं अमर गुरु डब्बावाला
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विस्तार
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अभी खरमास चल रहा है और अगले एक महीने तक शुभ व मांगलिक कार्य नहीं किए जा सकेंगे। अब अप्रैल व मई में ही मुहूर्त आएंगे जब सूर्य मेष राशि में आएंगे। अभी सूर्य देव कुंभ राशि में थे और वहां से निकलकर मीन राशि में प्रवेश किया है। इस अवधि में ही खरमास होता है। 

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उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डब्बावाला ने बताया कि धर्म-शास्त्र के अनुसार बृहस्पति की राशि में सूर्य के गोचर होने पर शुभ व मांगलिक कार्य करना वर्जित माना जाता हैं। इसलिए इस अवधि में कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। इसके लिए मुहूर्त भी नहीं निकलते हैं। अब 14 अप्रैल की सुबह जब सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे तब खरमास समाप्त होगा और  मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो सकेंगे। इसके बाद अप्रैल व मई के महीने में मुहूर्त आएंगे।  
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इसलिए नहीं किए जाते इस माह में शुभ कार्य

  • सूर्य के उच्च अंश की कक्षा मेष राशि में मानी जाती है। 

  • मीन राशि में सूर्य का अंश कमजोर होता है। 

  • जब सूर्य मीन को छोड़कर मेष में आते हैं तो सूर्य का अंश बढ़ता है। 

  • सूर्य उच्च अंश में आकर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। चैत्र, वैशाख में सूर्य का मेष राशि का परिभ्रमण होता है मांगलिक कार्य की शुरू हो जाते हैं। 

  • इस बार अप्रैल और मई माह में 11 प्रमुख मुहूर्त रहेंगे।

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जानें अप्रैल से दिसंबर में कब-कब आएंगे मुहूर्त 
अप्रैल में 2, 7, 9, 14, 18, 30 तारीख को शुभ मुहूर्त है। मई में 1, 7, 8, 28, 29 तारीख को शुभ मुहूर्त है। जून में केवल 8 तारीख को शुभ मुहूर्त है। मुंडन संस्कार के लिए अप्रैल में 14, 24 और मई में 1 व 3 तारीख को मुहूर्त है। 8 जून के बाद गुरु का वार्धक्य दोष एवं गुरु का अस्त होने से विवाह आदि नहीं हो सकेंगे। इसके बाद 16 नवंबर से विवाह कार्य पुन: आरंभ होंगे। विवाह के लिए नवंबर में 16, 22, 23, 25, 30 और दिसंबर माह में 4 दिसंबर को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं।

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