बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे आचार्य बालकृष्ण।
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आज प्रदेश में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था और मैं जब मध्य प्रदेश में आया तो बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने तो आना ही था। आज बाबा महाकाल के आनंददायी दर्शन हुए हैं। बाबा महाकाल काल के संचालक हैं। उनकी कृपा के बिना कुछ नहीं हो सकता। बाबा महाकाल सबके काल को सब की गति को और सबकी मति को ठीक करें, ऐसी ही कामना मैंने बाबा महाकाल से की है। यह बात आयुर्वेद शिरोमणि और पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार से आचार्य बालकृष्ण महाराज ने श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन कर कही।
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विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पतंजलि योगपीठ आचार्य बालकृष्ण महाराज आज बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए धार्मिक नगरी उज्जैन आए थे। यहां उन्होंने चांदी द्वार से बाबा महाकाल के दर्शनों का लाभ लिया। इस दौरान मंदिर के पुजारी पंडित अर्पित गुरु के द्वारा बाबा महाकाल का पूजन अर्चन अभिषेक करवाया गया। बाबा महाकाल का पूजन करने के बाद आपने नंदी हॉल में पहुंचकर नंदी जी के कानों में अपनी मनोकामना भी कहीं।
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UN में सम्मानित हुए थे आचार्य बालकृष्ण
आचार्य बालकृष्ण आयुर्वेद के आचार्य और योग गुरु बाबा रामदेव के सहयोगी हैं। वह आयुर्वेद केन्द्र पतंजलि योगपीठ के अध्यक्ष हैं। 2019 में आचार्य बालकृष्ण को UN ने सम्मानित किया था। उनको आयुर्वेद, योग के क्षेत्र में नए अनुसंधान को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने के लिए सम्मान मिला था। यूएसए की विश्वविख्यात स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी और यूरोपियन पब्लिशर्स एल्सेवियर की जारी विश्व के अग्रणी वैज्ञानिकों की सूची में पतंजलि के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण को शामिल किया गया है। इससे पूर्व भी यूएनओ की संस्था (यूएनएसडीजी) आचार्य बालकृष्ण को सम्मानित कर चुकी है। आचार्य बालकृष्ण और पतंजलि की टीम ने हिमालय के गंगोत्री रेंज की तीन अनाम चोटियों का सफलतापूर्वक आरोहण कर उनका नामकरण भी किया। इनमें सबसे ऊंची चोटी का नाम राष्ट्रऋषि, दूसरी चोटी का नाम योगऋषि और तीसरी चोटी का नाम आयुर्वेद ऋषि रखा गया है। इन तीनों चोटियों के मध्य के क्षेत्र का नाम ऋषि ग्लेशियर (ऋषि बामक) रखा गया है।