बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर शुक्रवार को देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। मध्यप्रदेश के उज्जैन में भी आज शुक्रवार को टॉवर चौक पर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। साथ ही सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने उन्हें याद किया। लेकिन केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में शासन माफी योजना के तहत अट्ठारह महिला और पुरुष कैदियों को आजीवन कारावास से मुक्त कर रिहा किया गया।
केंद्रीय जेल भेरवगढ़ की जेल अधीक्षक हिमानी मनवारे ने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर शासन माफी का लाभ पाकर जेल में आजीवन कारावास के 18 पुरुष और एक महिला कैदी को रिहा कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। उन्होंने बताया कि दोष सिद्ध कैदियों को उनके अच्छे आचरण की शर्त पर जेल मुख्यालय के आदेश से रिहा किया गया है। रिहाई पर उक्त कैदियों को प्रमाण-पत्र, बैंक पासबुक और आधार कार्ड प्रदान किए गए।
आजीवन कारावास से मुक्त हुए कैदियों के स्वागत के लिए केंद्रीय जेल भैरवगढ़ की ओर से बैंड बजाया गया और हार पहनाकर स्वागत किया गया। डॉ. भीमराव अंबेडकर को एक वकील, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ के साथ-साथ समाज सुधारक के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने अपना पूरा जीवन जाति व्यवस्था को खत्म करने के लिए समर्पित कर दिया।