पिछले दिनों महाकालेश्वर मंदिर के तीन कर्मचारी दान राशि को जेब में रखते हुए पाए गए थे। इनके खिलाफ जांच चल रही थी। जांच के बाद मंदिर प्रशासक ने तीनों को बर्कास्त कर दिया है। चेतावनी भी दी है कि इस तरह की घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बता दें कि 30 अप्रैल को प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ को एक सेवानिवृत्त महिला कर्मचारी ने बताया था कि तिलक काउंटर पर तैनात कर्मचारी श्रद्धालुओं द्वारा दी जाने वाली दान राशि भेंट पेटी में नहीं डलवाते बल्कि खुद रख लेते हैं। इस पर धाकड़ ने सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल और कर्मचारियों की टीम बनाकर तिलक काउंटर पर छापामार कार्रवाई की थी। उन्होंने तीन कर्मचारियों ब्रजेश पाठक, गोपाल जोशी और शुभम मिश्रा को पकड़ा था। तीनों के पास से 1500 रुपये जब्त किए थे। तीनों कर्मचारी दोपहर 2 बजे की शिफ्ट में आए थे और 3 बजे उन्हें पकड़ा था। एक घंटे में उन्होंने दान राशि में 1500 रुपये का गबन किया था। प्रशासक धाकड़ ने बताया कि दान राशि में गबन पकड़े जाने के बाद जांच करवाई गई। दो दिन में जांच रिपोर्ट देने को कहा था। सोमवार को जांच रिपोर्ट आ गई, जिसमें तीनों को दोषी बताया गया। तीनों कर्मचारियों ने भी पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कुबूल लिया। इस पर तीनों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।