गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 29 जुलाई को उज्जैन की भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में "गुरु पूर्णिमा (मार्गदर्शक दिवस)" कार्यक्रम आयोजित होगा। आध्यात्मिक चिंतक एवं मानवसेवी कृष्णा गुरुजी बंदियों से आत्ममंथन कराने वाला प्रश्न पूछेंगे और गुरु के महत्व पर मार्गदर्शन देंगे।
गुरु पूर्णिमा पर 29 जुलाई को सुबह 11:00 बजे से 12:00 बजे तक भैरवगढ़ केंद्रीय जेल, उज्जैन में "गुरु पूर्णिमा (मार्गदर्शक दिवस)" का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर आध्यात्मिक चिंतक एवं मानवसेवी कृष्णा गुरुजी बंदीजनों से एक आत्ममंथन कराने वाला प्रश्न पूछेंगे।
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जैसे "आपका गुरु कौन था? जिसके मार्गदर्शन ने आपको यहां तक पहुंचाया?" उनका कहना है कि जहां अज्ञानता होती है, वहीं गुरु के ज्ञान की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। गुरु केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि वह चेतना है, जो मनुष्य को अंधकार से प्रकाश, भ्रम से विवेक और भटकाव से सही मार्ग की ओर ले जाती है।
गुरु पूर्णिमा जीवन परिवर्तन का अवसर भी
कृष्णा गुरुजी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि आत्मविश्लेषण, सही मार्गदर्शन और जीवन परिवर्तन का अवसर भी है। कार्यक्रम में सामूहिक गुरु वंदना, भजन, ध्यान एवं गुरु मंत्र के माध्यम से बंदीजनों को आत्मचिंतन, अनुशासन, सकारात्मक सोच और समाज की मुख्यधारा से पुनः जुड़ने का संदेश दिया जाएगा।
कार्यक्रम के समापन पर महाकाल से अभिमंत्रित रुद्राक्ष की माला भेंट की जाएगी। जेल परिसर की गौशाला में गो-सेवा एवं गो-ग्रास का आयोजन भी होगा तथा बंदीजन सकारात्मक एवं जिम्मेदार जीवन का संकल्प लेंगे। कार्यक्रम में जेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।