महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन।
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महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ ठगी के मामले कम नहीं हो रहे हैं। लगातार इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। सोमवार को भी एक ऐसी ही घटना हुई जिसमें पुरोहित के प्रतिनिधि ने श्रद्धालुओं से अधिक रुपये लिए। शिकायत मिलने पर मंदिर प्रशासक ने उसे निलंबित किया।
जानकारी के मुताबिक 3 जनवरी को जबलपुर से सुरेंद्र राजौरिया और उनकी पत्नी रजनी राजौरिया उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने आए थे। दर्शन के लिए उन्होंने से महाकाल मंदिर के पुरोहित प्रतिनिधि तिलक व्यास से बात की। तिलक व्यास ने प्रति व्यक्ति के हिसाब से 250 ले लिये। उनके लिए 100 रुपए प्रोटोकॉल की रसीद कटवा दी लेकिन यह टिकट श्रद्धालुओं को नहीं दी। दर्शन के बाद श्रद्धालुओ को शक हुआ तो उन्होंने मंदिर के प्रशासक गणेश धाकड़ से शिकायत की। हालांकि बाद में तिलक व्यास ने शेष राशि 150 रुपए के हिसाब से श्रद्धालुओं को लौटा दी। शिकायत मिलने पर मंदिर प्रशासक ने जांच शुरू की। जांच में शिकायत सही पाई गई। इस पर प्रशासक ने व्यास को निलंबित कर दिया। प्रशासक ने बताया कि तिलक व्यास पुरोहित प्रतिनिधि ने अधिक रुपए लेकर दर्शन करवाए हैं। इस पर महाकालेश्वर मंदिर की धारा 1982 (2) के अंतर्गत मंदिर की प्रतिष्ठा धूमिल हुई है। जिसके बाद पुरोहित प्रतिनिधि पद से निलंबित किया है। उल्लेखनीय है कि महाकाल मंदिर में बीते कुछ समय से लगातार इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। कभी मुस्लिम युवक द्वारा हिंदू युवक की आईडी से दर्शन करने का मामला हो या श्रद्धालुओं द्वारा दी गई दान राशि को खुद के पास रखने का मामला। बीते दिनों ये मामले सामने आए थे, जिसके बाद कई तरह के सवाल भी उठे थे।