महामंडलेश्वर अतुलेशानंद जी महाराज
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शहर की दानीगेट की मस्जिद में शिव और गणेश प्रतिमा होने का दावा करने वाले महामंडलेश्वर हाईकोर्ट में याचिका लगाएंगे। वहां दावा पेश करेंगे कि यह मस्जिद नहीं मंदिर है। उनका कहना है कि राजाभोज ने यहां मंदिर बनवाया था।
बता दें कि आह्वान अखाड़े के महामंडलेश्वर अतुलेशानंदजी महाराज ने पिछले दिनों कहा था कि दानीगेट स्थित मस्जिद में भगवान शिव और गणेश की प्रतिमाएं हैं। इसके लिए प्रशासन से फोटो-वीडियोग्राफी करवाने की मांग की थी। अब महामंडलेश्वर ने कहा है कि हाईकोर्ट में याचिका लगा कर दावा करेंगे कि यह मस्जिद नहीं मंदिर है। याचिका लगाने के बाद वे इसके परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ भी करेंगे। मस्जिद से पहले यहां राजाभोज द्वारा बनवाया मंदिर था। इसमें देव प्रतिमाएं और मंदिर के स्तंभ मौजूद हैं। उनका कहना है कि पुरातत्वविद भी फोटो देखकर कह रहे हैं कि जो स्तंभ दिखाई दे रहा है वह एक हजार साल पुराना परमारकालीन है। कहा जा रहा है कि राजाभोज ने धार स्थित भोजशाला की तरह उज्जैन में भी शिप्रा किनारे भोजशाला बनाई थी, जहां विद्वान रहा करते थे। राजा भोज ने नगर में निर्माण कराए थे। परमार कालीन कई पुरा अवशेष आज भी मिलते हैं। महामंडलेश्वर अतुलेशानंद ने कहा कि पुरातत्वविद् ने इसकी पुष्टि कर दी है कि मस्जिद पहले राजा भोज द्वारा बनवाया मंदिर और पाठशाला थी। इसमें शिव और गणेश की प्रतिमाएं थी। यह स्थान फिर से लेने के लिए एसपी और कलेक्टर को पुरातत्व साक्ष्यों के साथ जानकारी दी जाएगी। धार की भोजशाला के लिए भी हम जल्द ही कोर्ट जाएंगे।