अभियान की शुरुआत को लेकर इस तरह हाथों में थामे पोस्टर
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हिंसा परमो धर्म के सिद्धांत पर जीवन जीने वाले जैन समाज ने अब नई पहल की है। जैन समाज के व्यवसायी अब जीवनाशक सामग्री नहीं बेचेंगे। इसके लिए उज्जैन से अभियान शुरू हुआ है जिसे देशभर में शुरू किया जाएगा। शुरुआत में मप्र और राजस्थान के सामाजिक ग्रुप अभियान में जुड़ गए हैं।
दरअसल महावीर जयंती के परिप्रेक्ष्य में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप उज्जैन रीजन के क्रिएटिव ग्रुप ने इस अभियान को शुरू किया है। उज्जैन में लक्ष्मीनगर तिराहे की रोटरी में लगी गाय-बछड़ा और सिंह को एक ही जगह पानी पीते दर्शाने वाली कलाकृतियों से इसे शुरू किया गया। इसका संदेश यही है कि जियो और जीने दो। रोटरी पर जैन समाज द्वारा अहिंसा से संबंधित स्लोगन की तख्तियां रखकर इसकी शुरुआत की। इस अभियान के तहत दुकानदारों को पर्चे देकर उन्हें और दुकानों पर पोस्टर लगाकर ग्राहकों को शाकाहार के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस अभियान की परिकल्पना मनीष जैन घी वाला और क्रिएटिव ग्रुप के अध्य़क्ष मनीष बांझल ने की है। उनका कहना है कि भगवान महावीर ने अहिंसा का संदेश दिया था। अहिंसा के पालन के लिए सबसे पहले जैन समाज के व्यवसायियों को ही प्रेरित किया जा रहा है। शहर में लगभग 250 दुकानदारों को पेंफलेट्स और पोस्टर बांटकर उन्हें हिंसक सामग्री जैसे- मच्छर मारने वाले स्प्रे, कॉकरोच, चींटी मारने वाली दवाइयां, इनसे संबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आदि उनकी दुकानों से नहीं बेचे जाएंगे।
देशभर के सामाजिक ग्रुप्स में भेजे संदेश
पेंफलेट के माध्यम से दुकानदारों को अहिंसा के पालन के लिए तथा पोस्टर लगाकर ग्राहकों को इसके लिए प्रेरित करेंगे। इसके लिए पेंफलेट्स और पोस्टर का कॉमन मैटर और डिजाइन तैयार किया है, जिसे देशभर के ग्रुपों में पहुंचाया जा रहा है ताकि देशभर में अभियान को लेकर एकरुपता बनी रहे। अभियान के बारे में देशभर के सामाजिक ग्रुप में संदेश प्रसारित किए गए हैं। अब तक मप्र से इंदौर, देवास, भोपाल, जबलपुर के ग्रुप जुड़ गए हैं। राजस्थान से जयपुर और कोटा के ग्रुप भी जुड़ चुके हैं। अन्य स्थानों से भी इसकी जानकारी मांगी गई है। इनके अलावा अन्य अहिंसक समाजों को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। अहिंसा अभियान के साथ समाजजनों को मांस, मदिरा और मधु के त्याग का संकल्प भी कराया जाएगा।