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जबलपुर: रेप के आरोपी ABVP नेता के 'भैया इज बैक' वाले होर्डिंग्स पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- एक हफ्ता सावधान रहें

Tue, 12 Apr 2022 04:43 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

जबलपुर में छात्रा से रेप के आरोपी के 'भैया इज बैक' वाले होर्डिंग्स पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जाहिर की। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगा।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के जबलपुर में छात्रा से रेप के आरोपी ABVP के पूर्व महानगर मंत्री शुभांग गोटिया की जमानत निरस्त कराने की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी के समर्थकों द्वारा लगाए गए ‘भैया इज बैक’ वाले होर्डिंग पर नाराजगी व्यक्त की। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के CJI एनवी रमना, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने मामले पर मध्य प्रदेश सरकार से भी जवाब तलब किया है। 
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वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी शुभांग गोटिया को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या आप जश्न मना रहे हैं, क्यों न जमानत निरस्त कर दी जाए। ये ‘भैया इज बैक’ बैनर क्यों हैं? CJI एनवी रमना ने आरोपी के वकील से कहा- कि अपने भैया को कहिए कि एक हफ्ता सावधान रहें। 

बता दें आरोपी के समर्थकों ने होर्डिंग्स मकर संक्रांति पर लगाए थे। आरोपी को छात्रा से रेप के आरोप में नवंबर 2021 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। CJI एनवी रमना की अध्यक्षता वाली बेंच ने मध्य प्रदेश सरकार से भी इस मामले में जवाब मांगा है। रेप पीड़िता के वकील वैभव मनु श्रीवास्तव और शिखा खुराना ने आरोपी शुभांग गोटिया की जमानत याचिका खारिच करने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। 
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पीड़िता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि आरोपी को जमानत देने से पहले हाईकोर्ट ने केस के तथ्यों को गंभीरता से नहीं देखा और न ही आरोपी के पूर्व इतिहास पर गौर किया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी रसूखदार है, उसके कुछ पोस्टर भी याचिका के साथ लगाए गए हैं। जिनमें ‘भैया इज बैक' लिखा है। मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी।

जानिए क्या है पूरा मामला
ABVP के पूर्व महानगर मंत्री शुभांग गोटिया (उम्र 28 साल) ने 2018 में  पीड़िता से दोस्ती की। धीरे-धीरे दोनों में मेल मिलाप बढ़ गया, जिसके बाद दोनों कई बार एक-दूसरे के साथ अक्सर घूमने जाया करते थे। कुछ समय बाद आरोपी ने छात्रा की मांग में सिंदूर भरकर कहा कि वह उसकी पत्नी है। ऐसा करने के बाद आरोपी ने छात्रा से कई बार संबंध बनाएं। वहीं, जब छात्रा ने उससे शादी करने की बात की तो आरोपी ने शादी करने से इंकार कर दिया। आरोपी और उसके परिजनों पर जबरन छात्रा का गर्भपात कराने के भी आरोप हैं। पीड़िता ने जून 2021 में जबलपुर के महिला थाने में शुभांग गोटिया के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया था। केस दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसके 6 महीने बाद आरोपी ने सरेंडर कर दिया था। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी को नवंबर 2021 में जमानत पर रिहा कर दिया था। 
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