उज्जैन के पास नागदा रेलवे स्टेशन पर एक बुजुर्ग ने नोटों की बारिश कर दी। बढ़ी हुई दाढ़ी और मैले कपड़ों के बीच बैठे इस बुजुर्ग को किसी ने कुछ कह दिया। इससे उसको गुस्सा आ गया और उसने पोटली से नोटों की गड्डी निकाली और 50 और 100 रुपये के नोट हवा में उड़ाने लगा। बार-बार कहता रहा कि ऐसा भी होता है। देखते ही देखते प्लेटफॉर्म पर रुपयों का ढेर लग गया। थोड़ी ही देर में चारों तरफ रुपये फैल गए लेकिन किसी ने भी उन्हें उठाया नहीं बल्कि लोग देखते रहे।
प्लेटफॉर्म पर इस तरह लगा नोटों और दस्तावेजों का ढेर।
- फोटो : सोशल मीडिया
जब नोट खत्म हो गए तो बुजुर्ग ने पास रखे कागजात उड़ाना शुरू कर दिए जिनमें संपत्ति और कृषि से जुड़े दस्तावेज थे। इसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल होते ही हर कोई देखकर दंग है कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है। बुजुर्ग कौन था, इसका पता नहीं चल सका है। कयास लगाए गए कि वह किसी ट्रेन से नागदा आया था और यहां बैठा था। बाद में जीआरपी को सूचना दी गई। जीआरपी ने सारे नोट समेटकर बुजुर्ग को वापस दे दिए। उससे बातचीत में पुलिस को पता चला कि वह बुरहानपुर का निवासी है। उसे बुरहानपुर की ट्रेन में बैठाया। बुजुर्ग की वेशभूषा और हावभाव से उसके भिखारी होने के कयास भी लगाए गए वहीं कुछ ने कहा कि संभवतः वह मानसिक विक्षिप्त था।