इस तरह गिरे थे ओले जिससे फसलों को हुआ नुकसान
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ओलावृष्टि के कारण फसलों में हुए नुकसान के बाद अब मुआवजे की मांग उठने लगी है। किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को किसानों ने कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। मांग की कि तत्काल फसलों का सर्वे करवाकर मुआवजा दिया जाए। इधर सरकार की ओर से सर्वे कर मुआजवा देने की बात कही गई है।
दरअसल पिछले दिनों गिरे मावठे व ओला वृष्टि के कारण उज्जैन जिले के कई गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेत में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिन किसानों को उम्मीद थी कि इस बार फसल अच्छी होगी उनकी कमर टूट गई है और खेतों में आड़ी हुई फसलों को देखकर अरमान भी टूट गए हैं। किसानों का कहना है कि अब सरकार को जल्द से जल्द सर्वे करवाकर मुआवजा देना चाहिए। इसी कड़ी में सोमवार को किसानों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया। रैली निकालकर किसान पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। सैकड़ों किसान इस दौरान मौजूद थे। भारतीय किसान संघ के बैनर तले प्रदर्शन हुआ। इसमें मांग की गई कि तत्काल फसलों का सर्वे करवाकर मुआवजा दिया जाए। 2020 में हुए सोयाबीन के नुकसान की बीमा राशि देने की मांग भी की। किसान संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि उज्जैन जिले के लेकोड़ा, लिम्बापिपल्या, गोंदिया, ब्रजराजखेड़ी, गंगेड़ी, टंकारिया, हमीरखेड़ी, टकवास, बादलखेड़ी, झिरोलिया, फतेहाबाद, अजराना, माकड़ोन, उन्हेल, मंगरोला सहित अन्य गांवों में फसलें प्रभावित हुई हैं। कई जगह शत प्रतिशत फसल खराब हुई तो कुछ जगह खेत में आड़ी हो गई। आलू, प्याज, लहसुन की फसलों पर किसानों का बहुत ज्यादा खर्च हुआ है। हमारी मांग है कि सभी जगह जल्द सर्वे करवाया जाए। फसलों का भौतिक सत्यापन कर शीघ्र किसानों को मुआवजा दिलवाया जाए।