ब्लैक आउट कर विरोध प्रदर्शन करते रहवासी।
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महाकालेश्वर मंदिर के विस्तारीकरण की योजना का विरोध हो रहा है। मंदिर के सामने 70 मीटर व पीछे 500 मीटर के आसपास के क्षेत्र में योजना के तहत काम होगा। विरोध की वजह यह है कि मंदिर के सामने कई मकान आ रह हैं जिनको तोड़ा जाएगा। बरसों से लोग यहां रह रहे हैं और वे बाबा के पास रहना चाहते हैै। विरोध स्वरूप लोगों ने ब्लैक आउट किया और कुछ देर के लिए महाकाल मंदिर के आसपास का पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहा।
दरअसल महाकाल मंदिर के विस्तारीकरण की योजना के तहत मंदिर के आगे व पीछे के हिस्से में निर्धारित परिधि में निर्माण किए जाने हैं। सड़क चौड़ीकरण, पार्किंग, गार्डन, मॉल, धर्मशाला जैसे कई कार्य शामिल हैं। मंदिर के सामने 70 मीटर में कई लोग सालों से रह रहे हैं। किसी को 60 साल से अधिक समय हो गया है तो कोई सौ सालों से रह रहा है। विस्तारीकरण योजना में इन मकानों को तोड़ा जाएगा। इसके चलते लोग भयभीत हैं। उनका कहना है कि वे यहां से नहीं जा सकते। उनको मुआवजा नहीं चाहिए। बस बाबा के पास रहना है। ऐसे करीब 200 से अधिक परिवारों के चार हजार सदस्य हैं। शनिवार देर रात को इसके चलते रहवासियों ने विरोध किया। महाकाल मंदिर में अर्जी लगाने के बाद लोगों ने पूरे मंदिर क्षेत्र में ब्लैक आउट कर दिया। काफी देर तक मंदिर के आसपास अंधेरा पसरा रहा। जब प्रशासन को सूचना मिली तो अधिकारी आश्वासन देने पहुंचे।
हमने सबसे कह दिया पर कोई सुनने को तैयार नहीं
इस मामले में क्षेत्रीय रहवासी बाबू यादव ने कहा कि मंदिर विस्तारीकरण को लेकर मंदिर के सामने 70 मीटर अधिग्रहण की योजना है उसे खत्म करने के लिए महाकालेश्वर से गुहार लगाई है। इसके लिए ब्लैक आउट किया। सांसद, विधायक, सीएम सबसे हमने कहकर देखा लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। 215 परिवार के 4000 सदस्य हैं जो पुरखों के समय से यहां रह रहे हैं। प्रशासन का कहना है हम यहां गार्डन, फैसिलिटी सेंटर बनाएंगे। सड़क चौडीकरण करेंगे। जिसको जो करना है करे लेकिन लिखित में आश्वासन दे। हम यहां से नहीं हटने वाले। मंदिर को जो 11 मकानों की आवश्यकता थी वो मंदिर अधिग्रहण कर चुकी, अब 70 मीटर हम नहीं करने देंगे। सीएम साहब यहां धरातल पर आकर देखें, हमें लिखित में आश्वासन दें। हम तो यहां हमेशा महाकाल की भक्तों की सेवा करते रहे हैं। कुछ भी हो तो सबसे पहले हम आते हैं। अब हमको धमकाया जा रहा है। हमको न्याय चाहिए, पैसा नहीं।