दहेज लेना महापाप है और इस प्रथा को बंद होना चाहिए। सामाजिक समारोहों में ऐसी बातें अक्सर कही जाती हैं, लेकिन बड़नगर के बंगरेड गांव में एक सगाई समारोह के दौरान राजावत परिवार ने ऐसा उदाहरण पेश किया कि चारों ओर उनके इस कदम की जमकर सराहना हो रही है।
इस परिवार ने सगाई समारोह के दौरान लड़की पक्ष द्वारा दिए जा रहे लगभग 25 लाख रुपए नकद और करीब 15 तोले सोने के आभूषण लौटाकर समाज को एक सशक्त संदेश दिया। पूरा मामला इस प्रकार है कि बड़नगर के पास स्थित एक निजी रिजॉर्ट में जितेंद्र सिंह राजावत के बेटे आदर्श दीप राजावत की सगाई का कार्यक्रम आयोजित था। यह सगाई देपालपुर के तामलपुर निवासी महेंद्र सिंह पवार की बेटी बिंदिया कुमारी से तय हुई थी।
मौजूद लोग आश्चर्यचकित रह गए
उन्होंने यह कीमती सामग्री दूल्हे को देने की कोशिश की, लेकिन दूल्हे आदर्श दीप राजावत और उनके पिता जितेंद्र सिंह राजावत ने इसे लेने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वे दहेज प्रथा के खिलाफ हैं और उन्हें कुछ भी नहीं चाहिए। वे केवल इतना चाहते हैं कि उनके घर बहू के रूप में लक्ष्मी समान बेटी आए।
प्रतीकात्मक रूप से ली सोने की अंगूठी
महासभा के जिला अध्यक्ष हैं जितेंद्र सिंह