फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पन्ना हादसा: पानी पीने बाहर निकले दो मजदूर बचे, सेकंडों में कुएं में दफन हो गए पांच साथी; चश्मदीदों की जुबानी

Tue, 26 May 2026 07:34 PM IST
पन्ना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना

सार

Panna incident: पन्ना जिले के अजयगढ़ में मनरेगा के तहत कुएं की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से पांच मजदूरों की मौत हो गई। घटना से पहले सात मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से दो पानी पीने बाहर आए और बच गए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सहायता राशि का एलान किया।

विज्ञापन
पन्ना हादसा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से मंगलवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। अजयगढ़ जनपद क्षेत्र में  विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना (वीबी जी राम जी) के तहत चल रहा कुएं का निर्माण कार्य अचानक मातम में बदल गया। बिन्नू अहिरवार के खेत में पिछले 10 दिनों से कुएं की खुदाई चल रही थी। मंगलवार सुबह अचानक कुएं की मिट्टी भरभराकर ढह गई, जिससे उसमें काम कर रहे पांच मजदूर जिंदा दफन हो गए। 
विज्ञापन


पढे़ं:  कुएं की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से पांच मजदूर जिंदा दफन, सभी के शव निकाले गए

कितने मजदूर काम कर रहे थे?
बताया जा रहा है कि कुएं के अंदर कुल सात मजदूर काम कर रहे थे। तभी दो मजदूर पानी पीने के लिए ऊपर आए। जैसे ही वे कुएं से बाहर निकले, उसी दौरान कमजोर मिट्टी अचानक ढह गई। अंदर काम कर रहे पांचों मजदूर मलबे में दब गए। इस हादसे में दो मजदूरों की जान बाल-बाल बच गई। प्रत्यक्षदर्शी मजदूरों ने बताया कि सब कुछ कुछ ही सेकंड में हो गया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, मिट्टी का बड़ा हिस्सा कुएं में भर गया और पांच साथी उसके नीचे दब गए।

कितने घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन?
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और करीब तीन घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। जेसीबी और स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मलबे से आशीष यादव, राजकुमार यादव, रामपाल यादव, चुन्नू यादव और चुनवाद पाल के शव बाहर निकाले गए। जानकारी के मुताबिक, हादसे में मरने वालों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

विज्ञापन

कैसे हुआ हादसा?
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कुएं की मिट्टी काफी भुरभुरी और कमजोर थी। इसके बावजूद गहरी खुदाई की जा रही थी। हादसे के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर उषा परमार और एसपी निवेदिता नायडू मौके पर पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए प्रत्येक परिवार को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें