राजधानी भोपाल के हाईप्रोफाइल त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की 636 पन्नों की चार्जशीट की जानकारी रह-रह कर कोर्ट रूम से बाहर आ रही है। सीबीआई की चार्जशीट यानी चालान में कई चौंकाने वाले राज खोले हैं। सनसनीखेज मामले में यह बात सामने आई है कि पुलिस कार्रवाई और एफआईआर की भनक लगते ही मुख्य आरोपी समर्थ सिंह फरार हो गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने शहर के भीतर ही ठिकाने बदले, जबकि उसके परिजनों ने कानूनी पैंतरेबाजी के तहत उसकी अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने में मदद की।
त्विषा शर्मा की मौत 12 मई की रात को हुई थी, जिसके बाद 13 मई को आधी रात के बाद कटारा हिल्स थाने में दहेज हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही समर्थ घर छोड़कर भाग चुका था। इस मामले में त्विषा की सास सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व भोपाल जिला उपभोक्ता फोरम बैंच-2 की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह और उनके अधिवक्ता बेटे व त्विषा के पति समर्थ सिंह भोपाल केंद्रीय जेल में हैं।
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कटारा हिल्स और बरखेड़ी में छिपे रहने की लोकेशन
सीबीआई जांच में कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन के जरिए पता चला कि 13 मई की शाम करीब छह बजे समर्थ की लोकेशन कटारा हिल्स में एक परिचित के घर पर थी। इसके बाद उसकी लोकेशन बरखेड़ी इलाके में भी ट्रेस की गई। भोपाल में छिपे रहने के दौरान समर्थ अपना फोन ज्यादातर समय स्विच ऑफ रखता था, लेकिन बीच-बीच में उसे ऑन करने के कारण उसकी मोबाइल लोकेशन एजेंसियों के हाथ लग गई। पुलिस से बचने के लिए समर्थ के बड़े भाई सिद्धार्थ सिंह ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे कानूनी सुरक्षा हासिल की जा सके।
लुकआउट सर्कुलर और 30 हजार का इनाम
पुलिस ने आरोपी पर शिकंजा कसते हुए 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था और लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। इसके बाद 21 मई को जबलपुर में न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने पहुंचे समर्थ को भोपाल पुलिस ने धर दबोचा था। सीबीआई की चार्जशीट और आईफोन डेटा, वॉइस सैंपल और गुप्त कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़े कई अन्य रहस्यों से पर्दा उठना बाकी है।
सीबीआई ने माना आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला
त्विषा के परिजनों के हंगामे, आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है। 17 अगस्त 2026 को सीबीआई ने भोपाल की अदालत में 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में दोनों पर दहेज की मांग, क्रूरता और त्विषा को आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई ने त्विषा की मौत को आत्महत्या माना है, जबकि हत्या की आशंका को जांच में स्वीकार नहीं किया। चार्जशीट के अनुसार, मामले में डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई है। समर्थ की शुरुआती फरारी और भोपाल में उसके ठिकानों की जानकारी भी इसी तकनीकी जांच का हिस्सा है।