फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Twisha Sharma Case: त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह करेंगे आत्मसमर्पण, मांगेंगे जमानत

Fri, 22 May 2026 01:26 PM IST
Sabahat Husain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

Twisha Sharma Case: जबलपुर हाईकोर्ट में समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पेश नहीं की गई। इस मामले में नया मोड़ आ गया है। अब समर्थ सिंह आत्मसमर्पण करेंगे। ये जानकारी समर्थ सिंह के वकील ने दी। 

विज्ञापन
त्विषा व समर्थ शादी की एक तस्वीर में। फाइल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में फरार आरोपी पति समर्थ सिंह ने शुक्रवार को जबलपुर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका नहीं लगाई। इस मामले में  इनके वकील वकील मृगेंद्र सिंह ने कहा कि समर्थ सिंह आत्मसमर्पण करेंगे। वहां उनकी सुनवाई होगी। 

पहले हो जमानत याचिका हो चुकी खारिज

विज्ञापन

इससे पहले भोपाल जिला अदालत की जज पल्लवी द्विवेदी समर्थ सिंह की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी हैं। त्विषा की मौत के बाद से फरार चल रहे समर्थ की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है, हालांकि वो जबलपुर हाईकोर्ट में अपनी जमानत लेने पहुंचा है। बता दें कि पुलिस ने देश छोड़कर भागने की आशंका के चलते समर्थ के खिलाफ पहले ही लुकआउट नोटिस जारी किया हुआ है।

क्या बोले समर्थ के वकील?

विज्ञापन

त्विषा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी समर्थ सिंह के वकील मृगेंद्र सिंह ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि ये सभी तथ्य पहले से सार्वजनिक हैं। शादी दिसंबर में हुई थी और 12 मई की रात त्विषा शर्मा ने कथित तौर पर छत पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनकी ओर से या उनके परिवार की तरफ से कोई सुसाइड नोट या बयान सामने नहीं आया है।
विज्ञापन


पढ़ें:  गिरिबाला सिंह पर शिकंजा? सास की जमानत रद्द कराने परिजनों ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा; जानें

त्विषा परिवार की इकलौती बहू थीं और अपने पति व सास के साथ रहती थीं। परिवार के बीच संबंध सामान्य और सौहार्दपूर्ण थे। हर नई शादी में, खासकर अलग-अलग संस्कृति और पृष्ठभूमि वाले परिवारों में, छोटे-मोटे मतभेद होना स्वाभाविक है और तालमेल बैठाने में समय लगता है। शादी के साढ़े चार महीने के दौरान वह करीब पांच बार मायके भी गई थीं।

18 मई को हमारी पिछली याचिका खारिज होने के बाद हमने मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है। अब इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी। मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि किसी भी अदालत ने कोई स्थायी वारंट जारी नहीं किया है। अग्रिम जमानत का प्रावधान लोगों को झूठे आरोपों और फंसाए जाने से सुरक्षा देने के लिए ही बनाया गया है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें