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बच्चों की मौत पर सियासत शुरू, एमपी के मंत्री ने कहा- घटना के लिए यूपी जिम्मेदार

Sun, 24 Feb 2019 12:16 PM IST
यशवीर सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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पीसी शर्मा-शिवराज सिंह चौहान - फोटो : ANI
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मध्यप्रदेश के सतना से अपहरण किए गए जुड़वां भाईयों के हत्या के बाद राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। कमलनाथ सरकार में विधि एवं विधायी मंत्री पीसी शर्मा ने इस घटना से पल्ला झाड़ते हुए उल्टे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग की है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि इस घटना ने मुझे हिला दिया है।

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पीसी शर्मा ने कहा,

यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। शव उत्तर प्रदेश में मिले हैं और उन्हें यूपी-एमपी सीमा से अपहृत किया गया था। इस तरह के तत्व यूपी में सक्रिय हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि संयुक्त अभियान चलाकर अपराधियों को पकड़ा जा सकेगा।' जब उनसे पूछा गया कि भाजपा एमपी के गृहमंत्री का इस्तीफा मांग रही है। इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'क्यों? घटना यूपी-एमपी सीमा पर हुई है और शव उत्तर प्रदेश में मिले हैं। इसलिए यूपी के सीएम को इस्तीफा देना चाहिए।


इस घटना पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'मैं दोनों मृतक बच्चों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हमें उम्मीद थी कि सरकार और प्रशासन इसे गंभीरता से लेगी और दोनों बच्चों को सकुशल बचा लाएगी। इस घटना ने मुझे हिला दिया है।' वहीं इस घटना के बाद से चित्रकूट में जमकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है।

क्या है मामला

12 फरवरी को पांच साल के जुड़वा भाईयों प्रियांश और श्रेयांश रावत का मध्यप्रदेश के सतना जिले में बंदूक की नोंक पर स्कूल बस से अपहरण कर लिया गया था। रविवार को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से दोनों भाईयों के शव मिले हैं। दोनों की हत्या करने के बाद अपराधियों ने शव को अवगासी घाट में फेंक दिया था। इस घटना के संबंध में पुलिस ने 6 इंजीनियरिंग के छात्रों, उत्तर प्रदेश के पांच निवासियों और चित्रकूट के एक निवासी को गिरफ्तार किया है।

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सतना के एसपी संतोष गौड़ ने कहा, 'शव मिल चुके हैं और हमने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक मध्यप्रदेश का निवासी है जबकि अन्य पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के हैं।' सूत्रों का कहना है कि आरोपी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र हैं। जो उसी ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जाता है जिसकी स्कूल में जुड़वां बच्चे पढ़ा करते थे। एक आरोपी बच्चों को ट्यूशन दिया करता था और माना जा रहा है कि उसने ही दूसरे आरोपी को सूचना दी है। सभी ने पहली बार अपराध को अंजाम दिया है।

बहन ने बताया क्या हुआ था 12 फरवरी को

जुड़वा भाइयों की चचेरी बहन और प्रत्यक्षदर्शी नंदिनी ने बताया कि एक आदमी बंदूक लेकर आया और गाली देकर चुप रहने को कहा। वह भाई के पीछे वाली सीट पर बैठी थी। अपहरणकर्ता आया और दोनों भाई को सीट से उठाकर ले गया। उनके बस्ते सीट पर ही रखे रहे, जिसे वह लेकर घर पहुंची।

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व्यवसायी हैं पिता

सदगुरु सेवा संघ के स्कूल से जिन छात्रों की अपहरण के बाद हत्या हुई है उनके पिता तेल का कारोबार करते हैं। परिवार ने तृप्ती सेवा संस्थान के माध्यम से हिमशंकर विजय तेल का व्यापार शुरू किया था। जिसमें उनके चार भाई भी साथ में कार्य करने लगे और यह कारोबार फलने फूलने लगा। उनकी सफलता को देखकर कई अन्य व्यापारियों ने इसका व्यवसाय शुरू किया।

फिरौती के बाद भी हुई हत्या

यूपी और एमपी की पुलिस बच्चों की बरामदगी में असफल रही। इसके बाद मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। लेकिन उसके भी हाथ खाली रहे। कहा जा रहा है कि 25 लाख रुपए फिरौती देने पर भी बच्चों की जान नहीं बच पाई।

चित्रकूट का निवासी है मास्टरमाइंड

वारदात करने वाला आरोपी आरोपी चित्रकूट का मूल निवासी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कारोबारी से बड़ी रकम वसूल करने के लिए उसने अन्य अपराधियों को तैयार करके इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि वारदात में एक महिला भी शामिल है। दोनों भाईयों का अपहरण करके उन्हें इलाहाबाद रोड स्थित मऊ कस्बे के एक घर में रखा गया था।
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