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Tikamgarh: डीएफओ की गाड़ी से टकराने पर गाय की मौत, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम; शराब के नशे के आरोप

Wed, 23 Jul 2025 10:26 AM IST
टीकमगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़

सार

Tikamgarh: डीएफओ ने यह भी स्वीकार किया कि यह गाड़ी वन विभाग की है, लेकिन उन्होंने इनकार किया कि वे खुद उस गाड़ी में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि टीम के कर्मचारी ही गाड़ी लेकर गए थे और ट्रैक्टर जब्त नहीं कर सके क्योंकि ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया था।
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गाय की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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टीकमगढ़ जिले के बड़मड़ई गांव के पास मंगलवार देर रात टीकमगढ़ डीएफओ की सरकारी गाड़ी से टकराकर एक गाय की मौत हो गई, जबकि दूसरी गाय घायल हो गई। घटना के विरोध में बुधवार सुबह ग्रामीणों ने सड़क पर चक्का जाम कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर जाम खुलवाया।

चश्मदीद ग्रामीणों के मुताबिक, हादसे के बाद मौके से डीएफओ की नेम प्लेट और सरकारी गाड़ी की नंबर प्लेट बरामद हुई है। पुलिस ने दोनों को जब्त कर लिया है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि एक गाय की मौत हुई है और एक घायल है, जिसे उपचार के लिए भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है और पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।

डीएफओ बोले- टीम अतिक्रमण हटाने गई थी, मैं गाड़ी में नहीं था

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टीकमगढ़ के डीएफओ राजाराम परमार ने फोन पर बताया कि उन्हें रात में सूचना मिली थी कि बड़मड़ई गांव के पास कुछ लोग सरकारी जमीन पर ट्रैक्टर चलाकर अतिक्रमण कर रहे हैं। इस पर उन्होंने अपनी टीम को मौके पर भेजा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को घेर लिया था। टीम ने किसी तरह खुद को बचाया और वापस लौटते समय गाड़ी एक गाय से टकरा गई, जिससे उसकी मौत हो गई।

पढ़ें: सीवरेज लाइन हादसे में दो मजदूरों की मौत का मामला, लापरवाही के चलते पांच पर मामला दर्ज

डीएफओ ने यह भी स्वीकार किया कि यह गाड़ी वन विभाग की है, लेकिन उन्होंने इनकार किया कि वे खुद उस गाड़ी में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि टीम के कर्मचारी ही गाड़ी लेकर गए थे और ट्रैक्टर जब्त नहीं कर सके क्योंकि ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया था।

ग्रामीणों का आरोप- डीएफओ खुद थे गाड़ी में, नशे में थे सभी

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वहीं, गांव के निवासी राजाराम का दावा है कि गाड़ी खुद डीएफओ चला रहे थे और घटना रात करीब 1:30 बजे की है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएफओ और उनका स्टाफ पार्टी से लौट रहे थे और सभी शराब के नशे में थे। टक्कर के बाद वे मौके से भाग गए।

प्रशासन पर उठे सवाल
इस मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सरकार द्वारा डीएफओ को सौंपी गई सरकारी गाड़ी को कैसे दूसरे कर्मचारियों को चलाने के लिए दे दिया गया? क्या यह नियमों का उल्लंघन नहीं है? इस बिंदु पर भी प्रशासन को जांच करनी चाहिए।

पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं और मामले की जांच जारी है। घायल गाय का उपचार कराया जा रहा है और ग्रामीणों से बयान लिए जा रहे हैं। अगर नशे और लापरवाही की बात सामने आती है तो डीएफओ सहित जिम्मेदारों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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