निवाड़ी जिले के पर्यटक एवं धार्मिक स्थल ओरछा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर रमेश पर वहां की नर्सिंग स्टाफ ने गंभीर आरोप लगाए हैं। नर्सों ने निवाड़ी कलेक्टर को एक आवेदन दिया है, जिसमें नर्सिंग स्टाफ ने कहा है कि वह गलत नजरिए से नर्सों को देखते हैं और दबाव बनाकर के उनसे काम करवाते हैं। कहते हैं कि अगर आप लोगों ने मेरे हिसाब से काम नहीं किया तो आप लोग संविदा पर नौकरी करते हैं मैं आप सभी को हटा दूंगा।
कलेक्टर को सौंपे आवेदन में नर्सों ने आरोप लगाया कि रात्रि में जब भी वह ड्यूटी पर आते हैं तो शराब के नशे में रहते हैं और चेंबर में बुलाकर के गलत नजरिए से नसों को देखते हैं और उनकी बात करने का तरीका भी गलत है। संविदा नर्सों ने कहा है कि वह पिछले 14 वर्षों से यहां तैनात हैं और शिकायत करने पर कहते हैं कि ऐसे कई कलेक्टर आए और चले गए। जब भी कोई डिलीवरी का मामला आता है अगर उनको फोन लगाओ रात्रि में तो वह फोन नहीं उठाते हैं और नसों के ऊपर पूरा काम छोड़कर अपने घर पर सोते रहते हैं। जब भी वह शराब के नशे में आते हैं तो चेंबर में बैठकर के असभ्य भाषा यानी की गाली-गलौज करते रहते हैं।
14 साल से पदस्थ है डॉक्टर रमेश आर्य
निवाड़ी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओरछा में पिछले 14 साल से डॉ. रमेश आर्य पदस्थ हैं, जो नियम के विरुद्ध है। जबकि किसी भी एक डॉक्टर की नियुक्ति अधिकतम एक स्थान पर 5 वर्ष के लिए की जाती है आखिरकार वह कौन सी वजह है कि 14 साल में उनका एक भी स्थानांतरण नहीं हुआ है, जिसको लेकर भी नर्सों ने सवाल उठाए हैं।
निवाड़ी ओर टीकमगढ़ जिले के सीएमएचओ डॉक्टर एस आर रोशन कहते हैं कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और वह आपस में एक दूसरे के ऊपर आरोप लगाते रहते हैं। फिर भी इस मामले की जांच के लिए मैंने डीएचओ को आदेशित किया है। मामले में हमने डॉ. रमेश आर्य से बात करने की कोशिश की, पर संपर्क नहीं हो सका।