टीकमगढ़ जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम ने सुबह जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार की शाम आबकारी विभाग की टीम बीरउ गांव पहुंची थी। अवैध शराब पकड़ने के लिए जहां ग्रामीणों से विवाद हुआ और विवाद के बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई।
इसके बाद आबकारी टीम के सब इंस्पेक्टर विजय द्वारा एक आवेदन दिगौड़ा पुलिस थाने में दिया गया था। जिस पर से आरोपी संतोष, रिंकू सहित चार नामजद जबकि तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, लूट और मारपीट का मामला दर्ज किया गया है।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, शुक्रवार की शाम करीब 7:30 बजे आबकारी विभाग की टीम सब इंस्पेक्टर विजय के नेतृत्व में वीरउ गांव पहुंची, जहां पर गांव के रहने वाले संतोष के यहां अवैध शराब बिक रही थी। जहां पर टीम ने करीब 26 क्वार्टर बरामद किए थे और महिला शराब बेच रही थी। आबकारी विभाग टीम घर में घुस गई और महिलाओं से विवाद करने लगी। इसके बाद वहां पर संतोष उसका बेटा रिंकू आ गया और गांव के कुछ लोग आ गए, जिन्होंने आबकारी विभाग की टीम को समझाया कि आप महिलाओं से अभ्रदता करें, लेकिन टीम मानने तैयार नहीं थी।
इसके बाद ग्रामीण और आबकारी विभाग की टीम आपस में भिड़ गए और एक दूसरे में लाठी डंडे से हमला किया, जिसमें आबकारी विभाग के सब इंस्पेक्टर विजय और उनके दो आरक्षक घायल हो गए, जबकि आबकारी सब इंस्पेक्टर विजय का कहना है कि उनकी रिवॉल्वर छीन ली गई है। मामले को लेकर टीकमगढ़ जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की 4 टीमें बनाई गई है, जो लगातार सर्चिंग करती रही, लेकिन आरोपी घटना के बाद से ही फरार हो गए हैं।