टीकमगढ़ जिले के बिजरावन गांव के पास पोल्ट्री व्यवसायी से दिनदहाड़े कथित लूट और मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि घटना की सूचना और आवेदन देने के बावजूद दिगौड़ा पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है और संबंधित थाने से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, टीकमगढ़ जिले के बेदुआ हृदयनगर गांव निवासी अभिषेक रजक पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े हैं और प्रतिदिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई करने जाते हैं। अभिषेक के मुताबिक सोमवार को वह मोहनगढ़ क्षेत्र में सप्लाई देने के बाद पिकअप वाहन से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान काटी गांव के पास एक बोलेरो वाहन ने उनकी गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया।
लिखित आवेदन दिया गया
पीड़ित का आरोप है कि बिजरावन गांव के पास बोलेरो सवार लोगों ने उनकी गाड़ी रुकवा ली। इसके बाद अभिषेक और उनके ड्राइवर के साथ मारपीट की गई, मोबाइल फोन छीन लिए गए और वाहन की डिग्गी में रखे करीब ₹50 हजार निकालकर आरोपी फरार हो गए।
घटना के बाद अभिषेक ने तत्काल दिगौड़ा थाना पुलिस को सूचना दी और थाने पहुंचकर लिखित आवेदन दिया। उनका कहना है कि आवेदन देने के बाद जब वह वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में वही बोलेरो दिखाई दी। पीछा करने पर पता चला कि वाहन टीकमगढ़ जिले के मजना बमोरी गांव निवासी सूरज का है। इसकी सूचना तत्काल मजना पुलिस चौकी और दिगौड़ा पुलिस को दी गई।
ये भी पढ़ें- मध्य प्रदेश: आज किसानों का भोपाल कूच व CM हाउस के घेराव की तैयारी, मूंग की 100% खरीदी पर अड़े; अब आगे क्या?
पांच लोगों को पकड़ लिया गया
पीड़ित के अनुसार, मजना चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बोलेरो सहित पांच लोगों को पकड़ लिया और वाहन जब्त कर लिया। बाद में दिगौड़ा पुलिस आरोपियों और वाहन को अपने साथ ले गई। हालांकि, अभिषेक का आरोप है कि इसके बावजूद न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। उनका यह भी आरोप है कि आरोपियों को रात में थाने से छोड़ दिया गया तथा उन पर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है।
इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि संबंधित थाना प्रभारी से जानकारी लेकर मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान या एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि नहीं की गई है।
पोल्ट्री वाहन।