बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बुधवार रात सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा लेकर टीकमगढ़ पहुंचे। रात करीब 2:30 बजे कुंडेश्वर रोड स्थित पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित दिव्य दरबार में उन्होंने बेटियों को संबोधित करते हुए कहा कि आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर और इंजीनियर बनें लेकिन बुर्का वाली कभी न बनें। उन्होंने युवाओं को माता-पिता के महत्व का संदेश देते हुए दो लाइनों में कहा- माना कि मोहब्बत बुरी नहीं है लेकिन मां-बाप से ज्यादा जरूरी नहीं है।
नवरात्र के दौरान गरबा पंडालों में प्रवेश को लेकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक उपाय सुझाया। उन्होंने कहा कि गरबा पंडालों के बाहर भगवान विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा लगाई जाए और प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति से उन्हें प्रणाम कराया जाए। उनके अनुसार इससे गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है। उनके इस बयान की चर्चा कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच रही।
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सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा के दौरान सामने आई चोरी की घटनाओं को लेकर भी पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने चार मुस्लिम युवकों को पकड़ा है और उन्हीं पर अलग-अलग स्थानों पर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है। उन्होंने कहा कि यात्रा को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बड़ागांव धसान से टीकमगढ़ पहुंची यात्रा
रथ यात्रा बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे बड़ागांव धसान के रास्ते टीकमगढ़ जिले की सीमा में दाखिल हुई। यहां महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर यात्रा का स्वागत किया। इसके बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री संत रविदास मंदिर पहुंचे और खड़े हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। रास्ते में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
यात्रा संयोजक राजेंद्र तिवारी के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर करीब 25 हजार लोगों के भोजन और पांच हजार लोगों के विश्राम की व्यवस्था की गई थी। गुरुवार को यात्रा टीकमगढ़ के मुख्य बाजार से होते हुए जतारा के रास्ते उत्तर प्रदेश के मऊरानीपुर की ओर रवाना हुई।