इस दौरान रुंधे हुए गले से बोलते हुए काशीराम ने प्रदेश की चिकित्सीय व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों व राजनेताओं पर गुस्सा जाहिर किया है। उनको लताड़ लगाई है।
तेजी से वायरल हो रहा काशीराम का वाडियो
बता दें, टीकमगढ़ जिले के उदयपुरा गांव से एक मार्मिक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के रहने वाले काशीराम ने अपने पिता की मौत के बाद चिता के पास खड़े होकर एक वीडियो बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
स्वास्थ्य केंद्र में नहीं उपलब्ध था ऑक्सीजन सिलिंडर
जानकारी के अनुसार, काशीराम के पिता लंपू की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें तुरंत जतारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके कारण इलाज में देरी हुई और अंततः लंपू की मौत हो गई। इस घटना से परिवार में गहरा शोक और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है।
सिस्टम और सरकार की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
पिता के निधन के बाद जब उनका अंतिम संस्कार गांव में किया जा रहा था, उसी दौरान काशीराम ने चिता के पास खड़े होकर एक भावुक वीडियो बनाया। वीडियो में वह रोते हुए सिस्टम और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय पर ऑक्सीजन मिल जाती, तो उनके पिता की जान बच सकती थी। काशीराम ने इसे व्यवस्था की बड़ी नाकामी बताते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
वीडियो में काशीराम यह भी कहते दिखाई दे रहे हैं कि वह अपने पिता की मौत को यूं ही व्यर्थ नहीं जाने देंगे और इस मामले को आगे तक लेकर जाएंगे। उनके शब्दों में दर्द और गुस्सा साफ झलक रहा है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक नहीं आया इस मामले पर कोई बयान
इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं। कई लोग स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों के अभाव को लेकर चिंता जता रहे हैं, वहीं कुछ लोग प्रशासन से जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन यह घटना एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत को उजागर करती है और यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कब तक ऐसी लापरवाहियों के चलते लोगों की जान जाती