इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में बाघिन ने चार शावकों को जन्म दिया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में बाघिन ने चार शावकों को जन्म दिया है। इनमें तीन यलो और एक का रगं सफेद है। शुक्रवार दोपहर में मां के साथ चारों शावकों को देखा गया। इंदौर जू में अब बाघों का कुनबा 13 तक पहुंच गया है।
इंदौर चिड़ियाघर प्रभारी उत्तम यादव ने बताया कि इंदौर की प्रसिद्ध बाघिन जमना के शावकों को केज में लाई, तब जानकारी जू प्रबंधन को मिली है। गुरुवार को उसने इन्हें जन्मा है। जमना के चारों शावक स्वस्थ हैं। इन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा है। इनमें तीन यलो और एक का रगं सफेद है। बाघिन शावकों को किसी तरह का नुकसान ना पहुंचा दे, इसका ध्यान रख रहे हैं। किसी को पिंजरे के आसपास नहीं दिया जा रहा। शावकों की निगरानी के लिए कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है।
पांच साल पहले आई थी, दो बार पिंजरा तोड़ चुकी
ये वही बाघिन है, जो दो बार पिंजरा तोड़ चुकी है। 27 नवंबर को 12 फीट ऊंची जाली कूद कर भागी थी। दूसरी बार 12 दिसंबर को बाड़ा तोड़कर भागी थी। इसे पांच साल पहले वन विहार नेशनल पार्क से लाया गया था। मई 2018 में इसी बाघिन ने 2 शावकों को जन्म दिया था।
रेबीज से दम तोड़ रहे भेड़िए
इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में रेबीज के चलते 3 दिन में 6 भेड़ियों की मौत हो गई है। प्राणी संग्रहालय में 8 भेड़िए थे, बाकी बचे दो भेड़ियों को फिलहाल आइसोलेट किया गया है। चिड़ियाघर में रेबीज रोधी दवा का छिड़काव किया जा रहा है। अन्य जानवरों का वैक्सीनेशन करवा दिया है। जो भी ऐहतियात है, बरत रहे हैं। चिड़ियाघर के अधिकारियों के मुताबिक बीते तीन दिन में छह भेड़ियों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को एक साथ दो भेड़ियों की मौत हुई उसके बाद लगातार बुधवार और गुरुवार को भी दो-दो भेड़ियों ने दम तोड़ दिया।