नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य में एक बाघिन ने दो शावकों को जन्म दिया है।
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सागर जिले में स्थित नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य से अच्छी खबर आई है। यहां की एक बाघिन ने दो शावकों को जन्म दिया है। प्रबंधन के मुताबिक दोनों शावक स्वस्थ नजर आ रहे हैं। उन्हें पहली बार शनिवार को झाड़ियों के पास देखा गया।
नौरादेही (वन्यजीव) वन प्रभाग के संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) सुधांशु यादव ने बताया कि शुक्रवार को बाघिन एन-112 अपने दो शावकों के साथ कैमरे में दिखाई दी। शनिवार को अभयारण्य की टीम ने इस नजारे को कैमरे में कैद किया है। नए शावकों को झाड़ियों के बीच देखा गया है। इन दो नए शावकों के जन्म के बाद नौरादेही अभयारण्य में बाघों के कुनबे का आंकड़ा 10 पर पहुंच गया है। इसमें 6 वयस्क बाघ-बाघिन और 4 शावक शामिल हैं।
यादव ने बताया कि नौरादेही अभयारण्य भोपाल के निकट रातापानी अभयारण्य और पन्ना टाइगर रिजर्व के बीच एक गलियारा बनाता है। बाघों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य के तहत किशन और राधा नाम के बाघ जोड़े को कान्हा टाइगर रिजर्व और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से नौरादेही अभयारण्य में लाया गया था। दोनों नए शावक राधा ने जन्मे हैं। राधा ने मई 2019 में तीन शावकों और नवंबर 2021 में दो शावकों को जन्म दिया था। इसके अलावा एक और बाघ एन-3 ने भी अभयारण्य को अपना घर बना लिया है।
अखिल भारतीय बाघ अनुमान रिपोर्ट 2018 के अनुसार मध्य प्रदेश में 526 बाघ रहते हैं, जो कि देश के किसी भी राज्य में सबसे अधिक हैं। प्रदेश में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा और पन्ना सहित कई बाघ अभयारण्य हैं। नौरादेही प्रबंधन के अनुसार अभयारण्य में बाघों के साथ पर्यटन का भी लगातार विकास हो रहा है। जिसके लिए अभयारण्य प्रबंधन ने नए पर्यटन मार्ग व अन्य सुविधाएं विकसित की हैं। अभ्यारण्य प्रबंधन के प्रयासों से बाघों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। अभयारण्य प्रबंधन ने नए जन्मे शावकों की निगरानी के लिए विशेष ट्रेकिंग दल गठित किया है, जो लगातार शावकों की हर मूवमेंट पर नजर रखेगा।