ओंकारेश्वर के शिवाकोटी हेलीपैड के पीछे करीब तीन क्विंटल वजनी लोहे का गेट बच्चों पर गिर गया। हादसे में चार वर्षीय दिव्या की मौत हो गई, जबकि उसका भाई यश घायल हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ओंकारेश्वर से करीब पांच किलोमीटर दूर शिवाकोटी हेलीपैड के पीछे शनिवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। हेलीपैड की बाउंड्री पर लगा करीब तीन क्विंटल वजनी लोहे का गेट अचानक गिर गया। गेट की चपेट में आने से चार वर्षीय बालिका दिव्या की मौत हो गई, जबकि उसका भाई यश घायल हो गया। उपचार के बाद यश की हालत बेहतर बताई गई है।
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर दिव्या, उसका भाई यश और कुछ अन्य बच्चे हेलीपैड के पीछे गेट के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान गेट के रोलर के नट-बोल्ट निकल गए और भारी भरकम गेट बच्चों के ऊपर आ गिरा। हादसे में दिव्या और यश दोनों घायल हो गए। दिव्या के सिर में गंभीर चोट आई थी।
ओंकारेश्वर के शासकीय अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर रवि वर्मा ने कहा कि बालिका को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। प्राथमिक उपचार करने के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए एंबुलेंस के माध्यम से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
पीडब्ल्यूडी ने आरोपों को बताया निराधार
पीडब्ल्यूडी खंडवा के कार्यपालन यंत्री नरेंद्र सिंह मंडलोई ने गेट की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि विभाग द्वारा निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार निर्माण कराया जाता है और शिवाकोटी हेलीपैड का गेट भी राष्ट्रपति के आगमन के समय मजबूती से लगाया गया था। मंडलोई के अनुसार राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में वाहन वहां से गुजरे थे और उस समय गेट में किसी प्रकार की समस्या सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे गेट पर झूले की तरह खेल रहे थे तो उस पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से गेट को नुकसान हो सकता है।
बताया गया है कि हेलीपैड की बाउंड्री वॉल पर करीब 20 फीट चौड़ा लोहे का गेट लगाया गया है। इसके दूसरी ओर नर्मदा के डूब क्षेत्र से विस्थापित होकर आए करीब 50 परिवार रहते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों की आवाजाही वाले स्थान पर भारी गेट की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।