मध्यप्रदेश के करीब 90 हजार वकील हड़ताल पर हैं। विधि आयोग की सिफारिशों के विरोध में यह हड़ताल की गई। हड़ताल की वजह से राज्यों में कोर्ट से संबंधित कामकाज काफी प्रभावित हुआ। गौरतलब है कि प्रस्तावित अधिवक्ता अधिनियम संशोधन, विधेयक 2017 में वकीलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार राज्य अधिवक्ता परिषद के पास था। लेकिन विधि आयोग ने इस अधिकार को वापस लेकर आयोग को देने की सिफारिश की है। इसे वकील अपनी स्वतंत्रता के अधिकार का हनन मान रहे हैं और इसी के विरोध में वे हड़ताल पर हैं।
इसी बीच राज्य अधिवक्ता परिषद के सदस्य आर.के सैनी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य के वकील हड़ताल पर हैं। यह संशोधन वकीलों के खिलाफ है। इससे पहले भी राज्य अधिवक्ता परिषद विरोध दर्ज करा चुकी है। वहीं, वकीलों का कहना है कि नये संशोधन में जो प्रावधान है, वह वकीलों के कामकाज को सीधे प्रभावित करेगा। जबलपुर उच्च न्यायालय सहित राज्य की अन्य अदालतों के वकील भी शामिल थे।