फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देवास: किडनी बेचने की इजाजत मांगने वाला शख्स जहर पीने लगा, बोतल छीनी तो कहा- ट्रेन के सामने कूद जाऊंगा

Thu, 13 Jan 2022 01:25 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास

सार

आर्थिक तंगी से परेशान एक व्यक्ति ने बोतल में सल्फास घोल ली। वह पीने वाला था कि लोगों ने बचाया और बोतल छीन ली। रोते हुए बोला कि यहां बचा लोगे तो ट्रेन के सामने कूद जाउंगा। मैं बहुत परेशान हो गया हूं। मेरी कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
विज्ञापन
इस तरह बोतल में घोलकर लाया था सल्फास - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आर्थिक तंगी से परेशान एक व्यक्ति ने बोतल में सल्फास घोल ली। वह पीने वाला था कि लोगों ने बचाया और बोतल छीन ली। रोते हुए बोला कि यहां बचा लोगे तो ट्रेन के सामने कूद जाउंगा। मैं बहुत परेशान हो गया हूं। मेरी कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
विज्ञापन


दरअसल इस शख्स का नाम है संतोष सोनी (45) जो देवास के इटावा में रहता है। आर्थिक मदद के लिए संतोष शासन-प्रशासन से गुहार लगाकर थक गया लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। इसके चलते वह इतना हताश हो गया कि जीवन खत्म करने की सोची। वह कलेक्टर कार्यालय के सामने पहुंचा और प्लास्टिक की बोतल में सल्फास घोल ली और पीने जा रहा था। कुछ लोगों ने देखा तो पुलिस को बताया। पुलिस जवान और लोगों ने उससे बोतल छीन ली। इस पर संतोष ने कहा कि यहां बचा लोगे तो ट्रेन के सामने कूद जाउंगा।

बाद में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। संतोष ने बताया कि वह आर्थिक रुप से बहुत परेशान है और पिछले कुछ दिनों से अपने परिवार का भरण पोषण नहीं कर पा रहा है। मैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास भोपाल गया था। वहां से मुझे एक लिफाफा दिया और कहा कि इसे कलेक्टर को दे देना। मैंने लिफाफा कलेक्टर को दिया तो मुझे हाथ से चलने वाली साइकिल दे दी। अब मेरा एक हाथ तो खराब है ऐसे में साइकिल कैसे चलाउंगा। ऐसे आश्वासन क्यों देते हैं जो पूरे नहीं कर पाते। मेरी मांग पूरी नहीं की जा रही इसलिए मैं सल्फास खाकर मरना चाहता हूं। रोज ही तिल-तिल मर रहा हूं, इससे अच्छा है कि एक बार में मर जाउं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यमंत्री से मांगी थी किडनी बेचने की इजाजत

धरने पर बैठकर मांगी थी किडनी बेचने की इजाजत - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि संतोष सोनी पिछले माह एबी रोड पर धरने पर बैठे थे। उन्होंने एक पोस्टर रखा था जिसमें लिखा था कि मुझे किडनी बेचने की इजाजत दी जाए। मुख्यमंत्री से किडनी बेचने की इजाजत मांग रहा था। संतोष ने बताया था कि पहले मैं राशन दुकान की गाड़ी चलाता था जिससे घर चलता था। करीब आठ माह पहले बीमार हुआ और जिस डॉक्टर से इलाज करवाया उसके कारण लकवाग्रस्त हो गया। मैं चाहता हूं कि जिस डॉक्टर की वजह से ये हालत हुई है, उसको सजा मिले। मुझे छत की व्यवस्था हो जाए तो राहत मिलेगी। इसलिए मैं किडनी बेचना चाहता हूं, क्योंकि इससे जो रुपये मिलेंगे उससे छत की व्यवस्था हो जाएगी और बच्चों के स्कूल की फीस भर दूंगा। सरकार की किसी योजना का लाभ भी मुझे नहीं मिला है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें